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#metoo Campaign Kya Hai Hindi Me

एक बात तो साफ़ है  महिलाओं के प्रति पुरे विश्व में कहीं भी नज़र डालिए स्थिति एक सी दिखती है। चाहे वह वाइट कालर जॉब हो या फिर सामान्य मज़दूरी का काम हो , कहीं भी उनकी प्रतिभा और कौशल पर उनका महिला होना भारी पड़ जाता है।  इस पुरुष प्रधान  समाज में उनके हाँ और नहीं और उनकी चुप्पी का मतलब अपने हिसाब से निकाल लिया जाता है। उनके जॉब, उनके और भी दूसरे कामों के लिए उनका महिला होना उनकी मज़बूरी बन जाता है। चाहे जॉब पाना हो, जॉब को सुरक्षित रखना हो या प्रमोशन पाना हो हर जगह आपको अपने महिला होने की कीमत चुकानी पड़ती है। ऐसा नहीं है कि हर जगह यही स्थिति हो या किसी संस्थान में सारे कर्मचारी ऐसे ही हो पर ऐसी स्थिति नहीं है यह कोई गारंटी के साथ नहीं कह सकता।यह स्थिति बलात्कार या छेड़खानी से भी ज्यादा दुखद और अफसोसजनक होती है क्योंकि बलात्कार और छेड़खानी में तो एक बार अपराधी के खिलाफ एक्शन भी लिया जा सकता है किन्तु इस तरह के यौन शोषण, छेड़खानी में नौकरी भर पीड़िता को अपमान का घूंट पीना पड़ता है। अपराधी के साथ काम करना पड़ता है। जिसने हिम्मत की विरोध करने की उन्हें नौकरी से निकाल देने की धमकी मिलती है बदनामी जो ह…

Cricket Ke 25 Adbhut Aur Mazedaar Records Jinhe Jaane Bina Aap Nahi Rah Payenge

क्रिकेट विश्व के सबसे रोमांचक और रोचक खेलों में से एक है।   क्रिकेट सीरीज जब खेली जाती है तब इसके रोमांच में न केवल   खिलाडी बल्कि दर्शक भी सराबोर रहते हैं और जब क्रिकेट सीरीज   नहीं खेली जाती है तब भी इसकी दिलचस्पी कम नहीं होती। और   यह सब उसके रिकॉर्डों को लेकर होता है। दर्शक जुबानी सारे रिकॉर्ड   को याद रखते हैं। कई रिकॉर्ड तो इतने दिलचस्प और अनोखे होते   हैं  कि टूटने के बाद भी लोग उन्हें नहीं भूलते। प्रस्तुत है ऐसे ही   कुछ अदभुत और मज़ेदार रिकॉर्ड :

भारत दुनिआ का एक मात्र देश है जिसने 60 ओवर 50 ओवर और 20 ओवर केतीनों विश्व कप विजेता रह चूका है। 
इंग्लैंड दुनिया का एक ऐसा इकलौता देश है जो 60 ओवर, 50 ओवर और 20 ओवर के तीनों विश्व कप फ़ाइनल में पहुंच कर भी कभी विश्व विजेता नहीं बन सका। इंग्लैंड 1979 में 60 ओवर के विश्व कप में, 1992 में 50 ओवर के विश्व कप फाइनल तथा 2004 में चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में तथा 20 ओवर के मैच में चैंपियंस ट्रॉफी 2013 के फाइनल में हार चूका है।  ऑस्ट्रेलिया ने  विश्व के पहले टेस्ट मैच में इंग्लैंड को 45 रनों से मेलबोर्न क्रिकेट ग्राउंड में 1877 में हराया था ठीक सौ…

LGBTIQ: Lesbian, Gay, Bisexual, Transgender, Intersex Aur Qeer Kise Kahte Hain?

प्रकृति ने इस धरती पर दो तरह के जीवों की रचना की है नर और मादा। पर कभी कभी प्रकृति भी कन्फ्यूज्ड हो जाती है और कुछ गलतियां कर बैठती है। प्रकृति के इस कन्फ्यूजन का खामियाजा कुछ लोगों को भुगतना पड़ता है और हमारा समाज तब उन्हें एक्सेप्ट नहीं कर पाता। स्वभावतः एक पुरुष एक महिला के प्रति आकर्षण महसूस करता है और एक महिला एक पुरुष के प्रति। पर कई बार ऐसा नहीं हो पाता  और विचित्र स्थितियां उत्पन्न हो जाती हैं। ऐसे लोग भी अपनी विचित्र आदतों तथा शारीरिक बनावट के आधार पर कई तरह के होते हैं।  


शारीरिक आकर्षण और चाहत के आधार :

गे : हमारे समाज में कई बार एक मर्द दूसरे मर्द के साथ रिश्ता रखते हैं। वे एक दूसरे से पुरुष और महिला की तरह प्यार भी करते हैं और शारीरिक सम्बन्ध भी बनाते हैं। वास्तव में ऐसे पुरुष किसी औरत के प्रति कोई आकर्षण महसूस नहीं करते। इनमे से कई पुरुष की बोलने, चलने और कई अन्य आदते औरतों से मिलती हैं तो कई पुरुष में पुरुषोचित गुण होने के बावजूद वे किसी पुरुष के प्रति आशक्त होते हैं और अपनी यौन जरूरतों की पूर्ति के लिए भी पुरुष साथी की चाह रखते हैं। इस तरह के सम्बन्ध समलैंगिक या होमो सेक्…

गाँधी : एक राष्ट्रपिता बनाम एक पिता

गाँधी जी भले ही राष्ट्र के पिता माने जाते हैं लेकिन वे अपने बड़े पुत्र हरी लाल के लिए एक अच्छे पिता कभी नहीं बन सके।  गाँधी जी ने एक जगह इस बात को स्वीकारा है कि वे अपने पुरे जीवन में दो व्यक्तियों को संतुष्ट नहीं कर पाए एक मोहम्मद अली जिन्नाह थे जिन्होंने अलग देश के लिए भारत के बटवारे की मांग की और दूसरे उनके अपने बड़े पुत्र जिन्होंने कभी उनके रास्तों को नहीं अपनाया। उनके पुरे जीवन की सबसे बड़ी असफलताओं में से एक उनके पुत्र हरी लाल का उनसे संतुष्ट न होना है। एक समाज सुधारक, एक महान व्यक्तित्व की महानता की कीमत अक्सर उनके परिवार के सदस्यों को चुकानी पड़ती है। शायद इसी को दीपक तले अँधेरा कहते हैं।

महात्मा गाँधी जिन्हे सारा संसार बापू के नाम से जानता है वे अपने बड़े पुत्र हरी के दिल में शायद वह स्थान नहीं पा सके। हरी के अनुसार  गाँधी :  एक राष्ट्रपिता बनाम एक पिता 

"He is the greatest father you can have but he is the one father I wish I did not have"

 हरी के लिए महात्मा गाँधी के उपदेश और शिक्षाएँ बेमतलब की चीज़ें थी या यूँ कहे थोपी गयी चीज़े थी। यही कारण था महात्मा गाँधी से उनके रिश्ते…

Mahatma Gandhi Ke Baare Me 18 Rochak Tathya Jise Shayad Aap Nahi Jante Honge

पुरे विश्व को शांति और अहिंसा का पाठ पढ़ाने वाले महात्मा गाँधी न केवल एक महान नेता थे बल्कि एक महान संत, एक महान चिंतक और एक महान विचारक थे। अकसर लोग उनका केवल एक राजनेता के रूप में उनके पुरे व्यक्तित्व का आकलन करते हैं और यही पर वे गलती कर बैठते हैं। उनकी आलोचना करने के पहले हमें उनके पुरे व्यक्तित्व  को समझना होगा एक मानव के प्रति उनके दृष्टिकोण को समझना होगा। इसके साथ ही देश काल और परिस्थितियों को भी सामने रखना होगा। उनके कई फैसले सर्वमान्य नहीं थे किन्तु उनके व्यक्तित्व की विशालता की वजह से स्वीकारे गए।  पेश है महात्मा गाँधी के बारे में 18  रोचक तथ्य : महात्मा गाँधी पुरे विश्व में शांति के मसीहा के रूप में जाने जाते हैं किन्तु उन्हें कभी शांति का नोबेल पुरुस्कार नहीं मिला। हालाँकि पांच बार उनका नॉमिनेशन इस पुरस्कार के लिए किया गया था किन्तु कभी भी उन्हें यह पुरस्कार नहीं मिला। आखरी बार 1948 में उनका नोबेल पुरस्कार के लिए नॉमिनेशन हुआ किन्तु इसी साल उनकी हत्या हो जाने के कारण उन्हें यह पुरस्कार नहीं दिया जा सका चुकि नोबेल पुरस्कार किसी को भी मरणोपरांत देने की कोई परंपरा नहीं है। 

हालाँ…

Mahatma Gandhi Ke 25 Sarwshreshth Vichar

भारत की आंजादी`में महात्मा गाँधी के योगदान को कौन नहीं जानता। उनके कार्यों की चर्चा करना तो सूरज को दिया दिखाने के समान है। एक नेता के साथ साथ वे एक अच्छे संत और विचारक भी थे। उन्होंने अपने जीवन में जो भी विचार दिए पहले वे उनको खुद अपने आप पर आजमाए। यही कारण है कि उनके विचार एकदम अकाट्य और व्यावहारिक हैं। उनके विचार वास्तव में व्यक्ति और समाज में व्यापक बदलाव ला सकते हैं।  आईये देखते हैं उनके कुछ अनमोल विचार 

जियो ऐसे जैसे तुम्हे बस एक दिन ही जीना है और सीखो ऐसे जैसे तुम हमेशा के लिए जीवित रहने वाले हो। एक कमजोर व्यक्ति कभी क्षमा नहीं करता, क्षमा तो मजबूत और साहसी लोगों का गुण है। मनुष्य कैसा होगा यह उसके विचारों पर निर्भर करता है अर्थात वह जैसा सोचता है वैसा ही बनता है। आँख के बदले आँख की नीति पुरे विश्व को अँधा बना देगी। जो बदलाव तुम संसार में चाहते हो वो पहले अपने अंदर लाओ। पहले वो आप पर ध्यान नहीं देंगे फिर वो आप पर हसेंगे फिर आपसे लड़ेंगे और आप जीत जायेंगे। यदि मनुष्य सीखना चाहे तो अपनी हर भूल से सीख सकता है क्योंकि उसकी हर भूल कुछ न कुछ शिक्षा देती है। अकल्मन्द काम करने के पहले सो…

Ayushman Bharat Yojana: Puri Jankari Hindi Me

कल्पना कीजिए किसी के परिवार में कोई गंभीर बीमारी से ग्रस्त है और उसका  उपचार सिर्फ इसलिए नहीं हो पा रहा हो  क्योंकि उसके पास पैसे नहीं है और वह मृत्यु का इंतज़ार कर रहा हो अथवा परिवार किसी तरह कर्ज लेकर या खेत और मकान बेचकर उपचार तो करा लेता है पर खुद जिंदगी भर कर्ज के चंगुल में फंस जाता है। जी हाँ आज भारत में जनसँख्या का एक बड़ा भाग इन्ही परिस्थियों से गुजर रहा है। यह कोई कोरी कल्पना नहीं है बल्कि यह ब्रिटिश मेडिकल जर्नल के एक अध्ययन में सामने आया है। इस अध्ययन में पाया गया कि भारत में 5.5 करोड़ लोग सिर्फ महंगे इलाज की वजह से गरीबी रेखा के नीचे पहुंच गए। इनमे से 3.8 करोड़ लोग तो सिर्फ दवाओं पर खर्च की वजह से गरीब हो गए। नेशनल सैंपल आर्गेनाइजेशन के आकड़ो के अनुसार भारत में करीब 85.9 प्रतिशत ग्रामीण और करीब 82 प्रतिशत शहरी परिवारों की हेल्थ केयर इन्शुरन्स तक पहुंच नहीं है। इसके अलावा करीब 17 प्रतिशत आबादी अपनी आय का दस प्रतिशत सिर्फ उपचार पर खर्च कर देते हैं। 
                    भारत जैसे विशाल जनसँख्या वाले देश में जनस्वास्थ्य हमेशा से एक बहुत बड़ा चैलेंज रहा है। सरकार की तमाम स्वास्थ्य सम्…