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10 Upay Jo Aapke Drishtikon Ya Nazariye Ko Badal Ke Rakh Degi

एक बार एक जूते बनाने की कंपनी ने अपना बिजिनेस बढ़ाने के लिए कई देशों का सर्वे कराया। इसी क्रम में कंपनी ने अपने बन्दे को बिजिनेस की संभावनाओं का पता लगाने के लिए एक देश भेजा। बन्दे ने वहां जाकर देखा तो उसके आश्चर्य का ठिकाना न रहा। उसने देखा उस देश में कोई जूता तो जूता चप्पल तक नहीं पहनता । उसने तुरत कंपनी को अपनी रिपोर्ट भेजी। उसने अपने पत्र में लिखा यहाँ पर कंपनी अपना कोई ब्रांच न खोले यहाँ पर उनका बिजिनेस नहीं चल पायेगा क्योंकि जूते की यहाँ कोई डिमांड नहीं है। कुछ समय के लिए कंपनी अपना बिजिनेस विस्तार का प्लान स्थगित कर दिया। कुछ सालों पश्चात कंपनी ने फिर अपने बिजिनेस विस्तार हेतु उसी देश में एक दूसरे बन्दे को भेजा। दूसरा बन्दा वहां पंहुचा उसके भी आश्चर्य का ठिकाना न रहा जब उसने देखा उस देश में किसी के पास चप्पल तक नहीं था। लोग बड़े कष्ट से रास्ते पर चल रहे थे।उसने तुरंत कंपनी में अपनी रिपोर्ट भेजी यह जगह आपके बिजिनेस के लिए बहुत ही उपयुक्त है यहाँ पर आप  अपनी बड़ी से बड़ी प्रोडक्शन फैक्ट्री लगा सकते हैं यहाँ पर  हर एक घर में जूते की जरुरत है यहाँ एक बार प्रचार हो जाने के बाद जूते की इ…

Mahatma Gandhi Ke 25 Sarwshreshth Vichar

भारत की आंजादी`में महात्मा गाँधी के योगदान को कौन नहीं जानता। उनके कार्यों की चर्चा करना तो सूरज को दिया दिखाने के समान है। एक नेता के साथ साथ वे एक अच्छे संत और विचारक भी थे। उन्होंने अपने जीवन में जो भी विचार दिए पहले वे उनको खुद अपने आप पर आजमाए। यही कारण है कि उनके विचार एकदम अकाट्य और व्यावहारिक हैं। उनके विचार वास्तव में व्यक्ति और समाज में व्यापक बदलाव ला सकते हैं।  आईये देखते हैं उनके कुछ अनमोल विचार 

जियो ऐसे जैसे तुम्हे बस एक दिन ही जीना है और सीखो ऐसे जैसे तुम हमेशा के लिए जीवित रहने वाले हो। एक कमजोर व्यक्ति कभी क्षमा नहीं करता, क्षमा तो मजबूत और साहसी लोगों का गुण है। मनुष्य कैसा होगा यह उसके विचारों पर निर्भर करता है अर्थात वह जैसा सोचता है वैसा ही बनता है। आँख के बदले आँख की नीति पुरे विश्व को अँधा बना देगी। जो बदलाव तुम संसार में चाहते हो वो पहले अपने अंदर लाओ। पहले वो आप पर ध्यान नहीं देंगे फिर वो आप पर हसेंगे फिर आपसे लड़ेंगे और आप जीत जायेंगे। यदि मनुष्य सीखना चाहे तो अपनी हर भूल से सीख सकता है क्योंकि उसकी हर भूल कुछ न कुछ शिक्षा देती है। अकल्मन्द काम करने के पहले सो…

Teamwork

लता को गाते सुनता हूँ मंत्रमुग्ध हो जाता हूँ। रोम रोम झंकृत और प्रसन्न हो जाता है और मुँह से वाह वाह निकल पड़ता है। उनकी कला ,उनकी साधना ,उनकी मेहनत का कायल हो जाता हूँ। किन्तु फिर सोचता हूँ उस गीतकार के बारे में जिसने उस गीत की रचना की , उस संगीतकार के बारे में जिसने सुर दिए,धुन निकाली। क्या उनकी मदद के बिना उस गाने में उतना ही आनंद आता ? शायद नहीं। दोस्तों किसी भी सफलता के पीछे केवल वह सफल व्यक्ति नहीं होता बल्कि एक पूरी टीम होती है जो उसे उस मुकाम तक ले जाती है। कई बार व्यक्तिगत सफलताओं में भी जहाँ हमें लगता है कि अमूक व्यक्ति ने अमूक सफलता हासिल की है वहां भी गहन विश्लेषण किया जाय तो उसके पीछे उसके परिवार ,समाज ,कोच का कुछ न कुछ रोल समझ में आता है। मै उस व्यक्तिगत सफलता में उस व्यक्ति की कड़ी मेहनत को कम करके नहीं आंक रहा हूँ बल्कि उसकी प्रशंसा  करता हूँ और मानता हूँ कि उसकी मेहनत के बिना सफलता नहीं मिल सकती थी। एक युवक पढ़ लिख कर अच्छी नौकरी प्राप्त कर लेता है बधाईओं का ताँता लग जाता है किन्तु जब उससे पूछा जाता है कि अपनी सफलता का श्रेय किसे देंगे तो वह अपने माँ बाप , पत्नी , दोस्त …

Krodh: The Source Of Unlimited Energy

एक बार गाँधी जी दक्षिण अफ्रीका एक मुकदमे के सिलसिले में गए। वहां एक बार वे ट्रैन से सफर कर रहे थे। वे फर्स्ट क्लास कम्पार्टमेंट में बैठे हुए थे। तभी उस डिब्बे में एक अंग्रेज आया उसने गाँधी जी को फर्स्ट क्लास कम्पार्टमेंट में बैठे देखा तो उन्हें उतर जाने को कहा।  गाँधी जी ने कहा कि उनके पास फर्स्ट क्लास का टिकट है। इस पर उस अंग्रेज ने टीटी को बुलाया और फिर दोनों ने उनसे अपना डिब्बा चेंज करने को कहा। गाँधी जी ने मना कर दिया। उन्होंने कहा जब उनके पास वैध टिकट है तो फिर वे डिब्बा क्यों चेंज करें। इस पर टीटी ने उन्हें धक्के मार कर ट्रैन से उतार दिया। गाँधी जी ट्रैन से गिर पड़े। ट्रैन चली गयी।
अरुणिमा सिन्हा को कौन नहीं जानता। एक बार वे ट्रैन से दिल्ली जा रही थीं। ट्रैन में कुछ लुटेरे घुस आये और उनसे भी छिना झपटी करने लगे। उन्होंने विरोध किया तो वे उन्हें ट्रैन से नीचे फेक दिए। उन्हें काफी चोट आयी और वो दूसरी पटरी पर जा गिरी। उस पटरी पर आने वाली दूसरी ट्रेनों से उनका पैर कट गया। वे रात भर वहां पड़ी रही एक के बाद एक रात भर में दर्जनों ट्रेने उनपर से गुजरीं। सुबह गांव वालों ने देखा तो उन्हें अस…

Gautam Buddh

एक समय की बात है गौतम बुद्ध का किसी गांव में आगमन हुआ। गौतम बुद्ध उस गांव में कुछ दिनों के लिए ठहरे। रोज़ उनके पास गांव वालों की भीड़ लगी रहती थी।  दूर दूर से लोग उनके पास आने लगे। गौतम बुद्ध उनकी बातों को ध्यान से सुनते और जो भी उचित समाधान होता उन्हें समझाते। लोग भी प्रसन्न और संतुष्ट होकर वहां से जाते।

एक दिन की बात है उनके पास एक स्त्री रोते रोते आयी। वह बिलख बिलख कर रो रही थी। गौतम बुद्ध ने उससे उसके आने का कारण पूछा। उसने बताया कि उसके  एकलौते  पुत्र की मृत्यु हो गयी है। उसने यह भी बताया कि उस पुत्र के सिवा इस दुनिया में उसका कोई नहीं है। वह बुद्ध के पैरों में गिर गयी और उनसें उसे जीवित करने की प्रार्थना करने लगी। गौतम बुद्ध ने उसे बहुत समझाया कि यह असंभव है जिसकी मृत्यु हो गयी हो उसे जीवित नहीं किया जा सकता किन्तु वह औरत नहीं मानी। उसने कहा वह अपने प्राण त्याग देगी अगर उसका पुत्र जीवित न हुआ तो। गौतम बुद्ध ने अंत में उससे कहा सुनो हे स्त्री , मै तुम्हारे पुत्र को जीवित कर दूंगा लेकिन उसके पहले तुम्हे मेरा एक काम करना होगा।  स्त्री ने कहा अपने पुत्र को जीवित करने के लिए मुझे जो भी …

Kuchh To Log Kahenge Logon Ka Kaam Hai Kahna

एक बार की बात है। एक आदमी अपने लड़के के साथ कहीं जा रहा था। उसके साथ  उसका गदहा भी था। उस आदमी ने सोचा मेरा लड़का मुझसे छोटा है अतः उसे गदहे  पर बिठा देते हैं। यह सोच कर उसने अपने लडके को गदहे पर बैठा दिया और  खुद पैदल चलने लगा। कुछ दूर चलने पर उन्हें एक गॉव मिला। जब गांव के लोगों ने उन्हें देखा तो वे उन पर हॅसने लगे। गॉव वालो ने कहा देखो देखो जवान लड़का खुद गदहे पर जा रहा है और बूढ़े बाप को पैदल ले जा रहा है। यह सुनकर लड़के को बड़ी शर्म आयी। वह नीचे उतर आया और अपने पिताजी को गदहे पर बिठा दिया। वे दोनों आगे बढ़ने लगे।आगे चलने पर वे फिर एक गांव से होकर गुजरे। वहा काफी सारे लोग खड़े थे।  उन्होंने जब उन्हें देखा तो जोर जोर से हसने लगे। उन्होंने कहा देखो कितना बेशर्म इंसान है बच्चे पर दया नहीं आ रही। उसे पैदल लिए जा रहा है और खुद आराम से गदहे पर चल रहा है। इतना सुनते ही उसने अपने लड़के से कहा बेटा तुम भी आओ और इस पर बैठ के चलो। लड़का गदहे की पीठ पर अपने पिता के साथ बैठ गया।अबकी बार वे एक भीड़ भाड़ वाले बाजार से गुजरे। लोगो ने उन्हें फिर टोकना शुरू कर दिया। लोग कहने लगे कैसे निर्दयी इंसान हैं एक कमजोर…

Murkh Shishya

मुर्ख शिष्यों की कहानी एक गुरु जी थें।  उनके दो शिष्य थे। गुरूजी दोनों शिष्यों में सामान रूप से ज्ञान बाटते थे। दोनों शिष्य भी खूब मन लगा कर ज्ञान अर्जन करते थे। इसके साथ ही दोनों शिष्य गुरूजी की खूब सेवा किया करते थे। गुरूजी को बहुत आराम था। लेकिन सब कुछ अच्छा होने के बावजुद एक कमी थी।  दोनों शिष्यों में आपस में खूब ईर्ष्या की भावना थी।  दोनों अपने अपने ज्ञान को आगे बढाकर एक दूसरे को पीछे न करके एक दूसरे की टांग खींच कर आगे बढ़ने का प्रयास करते रहते थे। हालाँकि गुरूजी इन बातों से अनभिज्ञ थे। समय बीतता गया। एक दिन एक शिष्य को किसी काम से अपने घर जाना पड़ा। अब सारा काम ,सारी सेवा दूसरे वाले शिष्य को करनी पड़ती थी। उसको अपने अलावा पहले वाले शिष्य के हिस्से का भी काम करना पड़ता था। वह मन ही मन बहुत खिन्न रहने लगा। पहले वाले शिष्य के जिम्मे का काम वह बेमन से करता था। अतः सारा काम अस्त व्यस्त होने लगा। आश्रम की सारी व्यवस्था गड़बड़ा गयी। गुरूजी कई बार उसे डाट भी देते थे। इस पर वह और खिन्न रहने लगा और अपने साथी के प्रति और ईर्ष्या की भावना से भर गया। अब वह और भी लापरवाह हो गया और अपने साथी के जिम…

Success-the necessity of life

सफलता - एक ऐसा शब्द जिसके पीछे दूनिया  पागल है। कौन नहीं सफल होना चाहता है ? हर कोई शिखर पर जाना चाहता है। हर कोई अपने समाज, दोस्तों, सहकर्मिओं से आगे निकलना चाहता है। आखिर क्यों न हो , सफलता का नशा ही कुछ ऐसा होता है।;एक सफल व्यक्ति के पास सब कुछ होता है नाम, पैसा , सम्मान , रुतबा , सुरक्षा इत्यादि। वास्तव में प्रकृति भी वही चाहती है। इस दुनिआ में वही जीवित रह सकता है जो इस दूनिया में रहने योग्य हो। कमजोर , बीमार, अशक्त लोगों को प्रकृति पहले नष्ट करती है। जीवन की मूल भूत आवशकताएँ  जैसे रोटी , कपड़ा , मकान , हवा , पानी , दवा वह कैसे जुटाता है ईमानदारी से या बेईमानी से , मेहनत से या चोरी से , लूट के , दूसरों को हँसा के या दूसरों को रूला के , प्रकृति को इससे कोई मतलब नहीं , जिन्दा वही रहेगा जिसके शरीर में अन्न पानी जायेगा।  जीवित वही रहेगा जो मूल भूत  अवश्यकताओं को जुटाने में सफल होगा। दया,पुण्य ,पाप नाम की कोई चीज प्रकृति में नहीं है यदि होती तो शेर शाकाहारी हो गए होते। यह कटु सचाई है और इसे हम स्वीकारें या न स्वीकारें हमारी मर्ज़ी। यही कारण है चारों ओर होड़ मची है , गलाकाट प्रतियोगिता चल…

Ham Aur Hamara Samaj/Our Responsiblity To Our Society

दोस्तों,
निराश और दुखी हो जाता हूँ  जब भी अख़बार पढ़ता हूँ या टीवी पर news देखता हूँ।  सभी छेड़खानी, रेप या रेप के बाद बर्बरता  पूर्वक हत्या जैसी घटनाओं से रोज ही भरे होते हैं। एक पिता ,एक भाई , एक पति होने के नाते डर जाता हूँ , दिमाग असुरक्षा की भावना से घिर जाता है , माथे पे चिंता की लकीरें उभर आती हैं। यह समाज को क्या हो गया है। लड़के जो इन अपराधों को करते हैं  वो भी इसी समाज के हैं।  आखिर वो ऐसे कैसे हो सकते हैं।   हम कैसे बच्चे समाज को दे रहें हैं।  अगर  हम अच्छे हैं , चरित्रवान हैं तो हमारे बच्चे ऐसे कैसे हो सकते हैं?
कहीं न कहीं हमारा भी दोष है। कहते हैं माँ , परिवार  और समाज हमारे स्कुल, कॉलेज  और यूनिवर्सिटीज होते हैं। हम क्या हैं और क्या होंगे  ये इन्ही संस्थाओं में तय होता है।
दुर्याधन या कौरव ऐसे क्यों थे।  मुझे उनसे कोई सहानुभूति नहीं है और न ही मै  उनका पक्ष ले रहा हूँ , लेकिन कहीं न कहीं उनकी ऐसी स्थिति के लिए  उनके माता पिता भी जिम्मेदार हैं। धृतराष्ट्र तो माना  देख नहीं सकते थे  परन्तु गांधारी तो देख सकती थी।  माना  पति  के दृष्टिसुख से वंचित होने के वजह से उन्होंने भी  अप…

Aaj Ki Baat

नमस्कार दोस्तों ,
आपके ढेर सारे  प्यार के लिए धन्यवाद्।  आपने जो फीडबैक दिया उसके लिए मै आपका आभारी हूँ।
दोस्तों जीवन अनमोल है और गतिमान है, न तो उसे कोई रोक सकता है और न कोई पकड़ सकता है।  कब बच्चे , बड़े और कब हम बूढ़े हो गए  पता ही नहीं चलता।  आपके हाथ में न तो कल था और न कल रहेगा , जो कुछ है वो आपका आज है।  इसी को हम कुछ हद तक कण्ट्रोल कर सकते हैं , एन्जॉय कर सकते हैं , प्लान कर सकते हैं  या मैनेज कर सकते हैं।  अतः मेरे दोस्त आज को जिये  केवल आज को।  आज को एन्जॉय करें , आज को प्लान करें , आज को मैनेज करें , कल खुद आपका अच्छा हो जायेगा।
दोस्तों  किसी भी समस्या का एक समाधान होता है  "भाग लो" अब यह आपके ऊपर डिपेंड  करता है कि  आप इसे कैसे लेते हैं  to  participate या to  run  away .
Choice  आपकी है।
दोस्तों अपने फीडबैक देते रहे।  अपनी अनुभूतिया , अपनी रचनाएँ  अपने talent को शेयर करें।  मेरा email id है : swatiisanskar @gmail.com  और whatsapp नंबर है  9336056560 .
धन्यवाद्  आपका दिन मंगलमय हो