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China Dwara Nirmanadhin Artificial Ya Fake Moon Kya Hai Hindi Me Jankari

चाँद को जल्द ही आसमान में अपना एक साथी मिलने जा रहा है। जी हाँ चीन के वैज्ञानिक इस दिशा में बड़ी तेजी से काम कर रहे हैं। चीन के वैज्ञानिक 2020 तक आकाश में एक दूसरा चाँद लाने की तैयारी में जी जान से लगे हुए हैं। चीन के वैज्ञानिक पावर की समस्या से निबटने के लिए इस दिशा में काम कर रहे हैं। इसके लिए वे एक अर्टिफिशियल  चाँद बना रहे हैं। हालाँकि चीन में पावर कोई समस्या नहीं है फिर भी वे अपने पावर पर होने वाले खर्चे को कम करने के लिए इस दिशा में प्रयास कर रहे हैं।

क्या है फेक या अर्टिफिशियल चाँद 
अर्टिफिशियल चाँद मानव निर्मित एक उपग्रह होगा जो अंतरिक्ष में एक स्थान से सूर्य प्रकाशको  पृथ्वी के किसी निश्चित भाग पर परावर्तित करेगा। इसकी वजह से वहां रात में स्ट्रीट लाइट नहीं जलानी पड़ेगी और इस वजह से बिजली के खर्चे में बड़ी कमी आएगी। चीन में वैज्ञानिक इस दिशा में अग्रसर हैं और इसके लिए उन्होंने दक्षिण पश्चिम राज्य सिचुआन की राजधानी चेंगडु को चुना। यह चाँद 2020 तक अंतरिक्ष में भेजने की योजना है।इस चाँद को सिचांग सैटेलाइट लांच सेंटर सिचुआन से प्रक्षेपित किया जायेगा।  यह सूर्य के प्रकाश को अपने परावर्तक …

#metoo Campaign Kya Hai Hindi Me

एक बात तो साफ़ है  महिलाओं के प्रति पुरे विश्व में कहीं भी नज़र डालिए स्थिति एक सी दिखती है। चाहे वह वाइट कालर जॉब हो या फिर सामान्य मज़दूरी का काम हो , कहीं भी उनकी प्रतिभा और कौशल पर उनका महिला होना भारी पड़ जाता है।  इस पुरुष प्रधान  समाज में उनके हाँ और नहीं और उनकी चुप्पी का मतलब अपने हिसाब से निकाल लिया जाता है। उनके जॉब, उनके और भी दूसरे कामों के लिए उनका महिला होना उनकी मज़बूरी बन जाता है। चाहे जॉब पाना हो, जॉब को सुरक्षित रखना हो या प्रमोशन पाना हो हर जगह आपको अपने महिला होने की कीमत चुकानी पड़ती है। ऐसा नहीं है कि हर जगह यही स्थिति हो या किसी संस्थान में सारे कर्मचारी ऐसे ही हो पर ऐसी स्थिति नहीं है यह कोई गारंटी के साथ नहीं कह सकता।यह स्थिति बलात्कार या छेड़खानी से भी ज्यादा दुखद और अफसोसजनक होती है क्योंकि बलात्कार और छेड़खानी में तो एक बार अपराधी के खिलाफ एक्शन भी लिया जा सकता है किन्तु इस तरह के यौन शोषण, छेड़खानी में नौकरी भर पीड़िता को अपमान का घूंट पीना पड़ता है। अपराधी के साथ काम करना पड़ता है। जिसने हिम्मत की विरोध करने की उन्हें नौकरी से निकाल देने की धमकी मिलती है बदनामी जो ह…

गाँधी : एक राष्ट्रपिता बनाम एक पिता

गाँधी जी भले ही राष्ट्र के पिता माने जाते हैं लेकिन वे अपने बड़े पुत्र हरी लाल के लिए एक अच्छे पिता कभी नहीं बन सके।  गाँधी जी ने एक जगह इस बात को स्वीकारा है कि वे अपने पुरे जीवन में दो व्यक्तियों को संतुष्ट नहीं कर पाए एक मोहम्मद अली जिन्नाह थे जिन्होंने अलग देश के लिए भारत के बटवारे की मांग की और दूसरे उनके अपने बड़े पुत्र जिन्होंने कभी उनके रास्तों को नहीं अपनाया। उनके पुरे जीवन की सबसे बड़ी असफलताओं में से एक उनके पुत्र हरी लाल का उनसे संतुष्ट न होना है। एक समाज सुधारक, एक महान व्यक्तित्व की महानता की कीमत अक्सर उनके परिवार के सदस्यों को चुकानी पड़ती है। शायद इसी को दीपक तले अँधेरा कहते हैं।

महात्मा गाँधी जिन्हे सारा संसार बापू के नाम से जानता है वे अपने बड़े पुत्र हरी के दिल में शायद वह स्थान नहीं पा सके। हरी के अनुसार  गाँधी :  एक राष्ट्रपिता बनाम एक पिता 

"He is the greatest father you can have but he is the one father I wish I did not have"

 हरी के लिए महात्मा गाँधी के उपदेश और शिक्षाएँ बेमतलब की चीज़ें थी या यूँ कहे थोपी गयी चीज़े थी। यही कारण था महात्मा गाँधी से उनके रिश्ते…

Mahatma Gandhi Ke Baare Me 18 Rochak Tathya Jise Shayad Aap Nahi Jante Honge

पुरे विश्व को शांति और अहिंसा का पाठ पढ़ाने वाले महात्मा गाँधी न केवल एक महान नेता थे बल्कि एक महान संत, एक महान चिंतक और एक महान विचारक थे। अकसर लोग उनका केवल एक राजनेता के रूप में उनके पुरे व्यक्तित्व का आकलन करते हैं और यही पर वे गलती कर बैठते हैं। उनकी आलोचना करने के पहले हमें उनके पुरे व्यक्तित्व  को समझना होगा एक मानव के प्रति उनके दृष्टिकोण को समझना होगा। इसके साथ ही देश काल और परिस्थितियों को भी सामने रखना होगा। उनके कई फैसले सर्वमान्य नहीं थे किन्तु उनके व्यक्तित्व की विशालता की वजह से स्वीकारे गए।  पेश है महात्मा गाँधी के बारे में 18  रोचक तथ्य : महात्मा गाँधी पुरे विश्व में शांति के मसीहा के रूप में जाने जाते हैं किन्तु उन्हें कभी शांति का नोबेल पुरुस्कार नहीं मिला। हालाँकि पांच बार उनका नॉमिनेशन इस पुरस्कार के लिए किया गया था किन्तु कभी भी उन्हें यह पुरस्कार नहीं मिला। आखरी बार 1948 में उनका नोबेल पुरस्कार के लिए नॉमिनेशन हुआ किन्तु इसी साल उनकी हत्या हो जाने के कारण उन्हें यह पुरस्कार नहीं दिया जा सका चुकि नोबेल पुरस्कार किसी को भी मरणोपरांत देने की कोई परंपरा नहीं है। 

हालाँ…

Ayushman Bharat Yojana: Puri Jankari Hindi Me

कल्पना कीजिए किसी के परिवार में कोई गंभीर बीमारी से ग्रस्त है और उसका  उपचार सिर्फ इसलिए नहीं हो पा रहा हो  क्योंकि उसके पास पैसे नहीं है और वह मृत्यु का इंतज़ार कर रहा हो अथवा परिवार किसी तरह कर्ज लेकर या खेत और मकान बेचकर उपचार तो करा लेता है पर खुद जिंदगी भर कर्ज के चंगुल में फंस जाता है। जी हाँ आज भारत में जनसँख्या का एक बड़ा भाग इन्ही परिस्थियों से गुजर रहा है। यह कोई कोरी कल्पना नहीं है बल्कि यह ब्रिटिश मेडिकल जर्नल के एक अध्ययन में सामने आया है। इस अध्ययन में पाया गया कि भारत में 5.5 करोड़ लोग सिर्फ महंगे इलाज की वजह से गरीबी रेखा के नीचे पहुंच गए। इनमे से 3.8 करोड़ लोग तो सिर्फ दवाओं पर खर्च की वजह से गरीब हो गए। नेशनल सैंपल आर्गेनाइजेशन के आकड़ो के अनुसार भारत में करीब 85.9 प्रतिशत ग्रामीण और करीब 82 प्रतिशत शहरी परिवारों की हेल्थ केयर इन्शुरन्स तक पहुंच नहीं है। इसके अलावा करीब 17 प्रतिशत आबादी अपनी आय का दस प्रतिशत सिर्फ उपचार पर खर्च कर देते हैं। 
                    भारत जैसे विशाल जनसँख्या वाले देश में जनस्वास्थ्य हमेशा से एक बहुत बड़ा चैलेंज रहा है। सरकार की तमाम स्वास्थ्य सम्…

Mob Power And Mob Lynching

विकासकी इस अंधी दौड़ में जो भागमभाग मची है उसमे हमारे सभ्य होने की रफ़्तार को बड़ा  नुकसान पहुंचाया है। बल्कि सचाई तो यह है  कि हम जितना ही विकास की ओर आगे निकले उतना ही हम सभ्यता के मामले पिछड़ गए हैं। मकान बड़े होते गए और हमारे दिल छोटे। बाजार को मॉलों और ऑनलाइन बाजारोँ  ने निगल लिया है। बैंकों ने किसानों को मजदूर बना दिया तो मशीनों ने मजदूरों को परदेसी बना दिया।विज्ञान ने मृत्यु दर को कम किया तो जिंदगी ने संसाधनों को। जनसँख्या का भार न केवल हमारे अवसरों को कम किया है बल्कि हमारे लिए एक बेरोजगारों की फौज खड़ी कर रहा है। जिन नवयुवकों को अपनी ऊर्जा अपने परिवार के लिए अपने देश के लिए लगानी चाहिए वो अपनी ताकत सडकों पर दिखा रहे हैं। और क्यों नहीं ऊर्जा तो कहीं संचित नहीं होगी वो तो या तो निर्माण करेगी या विनाश करेगी। चारों ओर  निराशा है हताशा है लोग जी तो रहे हैं पर शायद जिंदा नहीं हैं। स्कूल है पर शिक्षक नहीं, हॉस्पिटल हैं पर डॉक्टर नहीं, न्यायलय है पर न्यायधीश नहीं। एक एक मुकदमे को निपटने में नयी पीढ़ी जवान हो जाती है। न्याय मिलने में इसी देरी का लाभ उठा कर तथा अन्य व्याप्त भ्रष्टाचारों का ला…

Facebook: Aapke Vyaktitva Ka Darpan

किसी की हाथ की लकीरों को देख कर उसके बारे में बताया जा सकता है या नहीं यह तो मुझे नहीं मालूम पर मैं इतना तो दावे के साथ कर सकता हूँ कि किसी की सोशल नेटवर्किंग साईट विशेषकर उसके फेसबुक अकाउंट को देखकर बहुत कुछ बताया जा सकता है। जी हाँ आपका फेसबुक अकाउंट आपके बारे में बहुत कुछ बता सकता है।  किसी के भी फेसबुक अकाउंट को ध्यान से देखने पर कई बाते नज़र आती हैं मसलन उसका प्रोफाइल फोटो, उसकी पूरी प्रोफाइल, प्रोफाइल का बैकग्राउंड,उसकी फ्रेंडलिस्ट, टाइम लाइन ,फोटो गैलरी आदि आदि।  कोई भी इंसान यदि उसकी प्रोफाइल सच्ची है और वह पिछले कुछ सालों से अपना फेसबुक अकाउंट चला रहा है तो वह अपने बारे में बहुत कुछ अपने  अकाउंट के माध्यम से बता जाता है जिसका उसे खुद ही पता नहीं होता  है।  कई लोग अपने प्रोफाइल फोटो की जगह फूल या कोई अन्य तश्वीर लगा देते हैं ऐसे लोग प्रायः अंतर्मुखी होते हैं और जिम्मेदारी लेने से बचते हैं। ऐसे लोग अच्छे वक्ता या नेता प्रायः नहीं होते हैं।  डीपी में अपना फोटो सादगी से लगाने वाले सरल स्वभाव के हो सकते हैं उनमे लाग लपेट प्रायः नहीं होता है। पर कई बार उल्टा भी हो सकता है  इनमे से कई लो…

Mohmmad Bin Salman (MBS) Aur Saudi Arab Me Unke Dwara Kiye Gaye Sudhar

सऊदी अरब का जिक्र आते ही दिमाग में जो छवि सबसे पहले बनती है वह एक ऐसे इस्लामी राष्ट्र की जहाँ हर काम शरीयत कानून के द्वारा होता है और जहाँ महिलाओं पर तमाम बंदिशें हों। एक ऐसे राष्ट्र की जहाँ तमाम तरह के रोक हों सिनेमा, मनोरंजन कुछ भी न हो। जी हाँ सऊदी अरब अब तक एक कट्टर इस्लामी राष्ट्र के नाम से पुरे विश्व में जाना जाता रहा है। किन्तु अब परिस्थितियां बदल रही हैं। सऊदी अरब भी अब अपनी पुरानी छवि से छुटकारा पा रहा है और उदारवाद की बयार वहां पर बह  रही है। सऊदी अरब में इस परिवर्तन की शुरुवात करने का श्रेय वहां के युवा राजकुमार मोहम्मद बिन सलमान को जाता है। उन्होंने ने अपना कार्यभार सँभालते ही इसके संकेत दे दिए थे। इसका परिणाम यह हुआ कि पिछले एक साल में सऊदी अरब ने कई परिवर्तन देखे। सऊदी प्रिंस 32 वर्षीय सलमान ने विज़न 2030 प्रस्तुत करते हुए कहा सऊदी अरब 30 वर्ष पहले का मॉडरेट सऊदी अरब बनाना चाहता हूँ जहाँ हर धर्मों के लोगों के लिए जगह हो और जो पूरी दुनिया  लिए खुला हो। सलमान ने मॉडरेट सऊदी बनाने की शुरुवात एक तरह से  स्वयं से ही कर दी। सलमान सऊदी के पहले शाह होंगे जिनके पास स्नातक की डिग्री ह…

Miss India 2018: Anukriti Vaas

मंगलवार की शाम तमिलनाडु की हसीन बाला के सपनो को सच करने वाली शाम
थी। यह वह शाम थी जिसने मिस तमिलनाडु को मिस इंडिया में बदलते हुए देखा।
विश्व सुंदरी मानुषी छिल्लर ने जब अपने हाथों से फेमिना मिस इंडिया का ताज 
अनुकृति वास को पहनाया तो एक बारगी तो उन्हें अपने आप पर विश्वास ही नहीं 
हुआ। ऑडियंस ने तालियों की गड़गड़ाहट से 2018 की फेमिना मिस इंडिया का 
स्वागत किया।