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Uric Acid Me Kya Khayen Aur Kya Na Khayen


यूरिक एसिड का बढ़ना आज एक आम समस्या होती जा रही है। यह न केवल बेहद कष्टदायक होता है बल्कि कई स्थ्तितियों में तो मरीज का चलना फिरना भी दूभर हो जाता है। चूकि शरीर में यूरिक एसिड मात्रा काफी कुछ हम क्या खाते हैं उस पर निर्भर करता है अतः इस बीमारी से ग्रसित होने पर हमे अपने खान पान पर काफी ध्यान देना चाहिए। दालें, मीट, सोयाबीन जैसी चीजें इस रोग को और बढ़ा देती हैं अतः इनका यथासंभव परहेज करना चाहिए। किसी भी बीमारी में उसकी जानकारी ही उसका सबसे बड़ा बचाव होती है। यूरिक एसिड के केस में भी यदि मरीज अपने खानपान पर ध्यान दे तो वह इस बीमारी को काफी हद तक नियंत्रित कर सकता है। आईये आज हम जानते हैं यूरिक एसिड में करें और क्या न करें। 


यूरिक एसिड के बारे में डिटेल जानने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें 


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यूरिक एसिड में क्या क्या खाया जा सकता है 

यूरिक एसिड रोग में हम अपने खानपान पर ध्यान दे कर इस पर नियंत्रण रख सकते हैं। हमें अपने भोजन में हरी सब्ज़ियां, विटामिन सी युक्त फल इत्यादि को शामिल करना चाहिए। 
  • यूरिक एसिड के मरीजों को सेब का सिरका बहुत लाभ पहुंचाता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट तथा एंटीइंफ्लेमेटरी गुण अपने क्षारीय प्रभाव की वजह से इस एसिड के प्रभाव को कम करता है।
  • यूरिक एसिड के मरीजों को खूब पानी पीना चाहिए। यह यूरिक एसिड को पतला बना कर उसे मूत्र द्वारा बाहर निकालने का काम करता है।
  • जैतून के तेल में मौजूद विटमिन इ होता है जो शरीर में यूरिक एसिड के लेवल को कम करता है। अतः इस बीमारी में जैतून के तेल में बने आहार का सेवन करना चाहिए।
  • ब्लैक चेरी और चेरी यूरिक एसिड के सीरम लेवल को कम करता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और एंटीइंफ्लामेन्ट्री गुण यूरिक एसिड के प्रभाव को कम करने का काम करते हैं। अतः ऐसे मरीजों को इनका सेवन करना लाभदायक होता है।
  • इस बीमारी में जौ, ब्रॉउन राइस आदि का सेवन काफी लाभप्रद होता है।
  • हरी पत्तेदार सब्ज़ियां, मशरूम, आलू आदि भी यूरिक एसिड के प्रभाव को कम करते हैं।
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  • बेकिंग सोडा शरीर में उपस्थित यूरिक एसिड को घुलनशील बना कर उसे मूत्र द्वारा बाहर निकालने में काफी मदद करता है।


यूरिक एसिड की बीमारी में क्या क्या नहीं खाना चाहिए 

यूरिक एसिड की बीमारी में हमारे भोजन की कुछ चीज़ें काफी नुकसान पहुँचाती हैं अतः इनका परित्याग करना चाहिए। उच्च प्रोटीन युक्त भोज्य पदार्थ इस रोग में नहीं खाना चाहिए। 



  • यूरिक एसिड से ग्रसित मरीजों को मांसाहार से परहेज करना चाहिए। मांस, मछली और अंडे प्रोटीन के अच्छे स्रोत होते हैं। ये शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा को बढ़ा देते हैं अतः ऐसी स्थिति में उन्हें मीट, मछली, अंडे आदि का सेवन नहीं करना चाहिए।

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  • किसी भी प्रकार की दाल से परहेज करना चाहिए। दालों में मौजूद प्रोटीन शरीर में यूरिक एसिड में परिवर्तित होने लगता है।
  • दूध, दही, ड्राई फ्रूट्स आदि का सेवन तुरंत ही बंद कर देना चाहिए।
  • पेस्ट्री, केक, क्रीम वाले बिस्किट तथा वासयुक्त भोजन भी नहीं लेना चाहिए।
  • ऐसे मरीजों को सोयाबीन, सोया मिल्क, जंक फ़ूड, तली भुनी चीज़ों का भी परहेज करना चाहिए।
  • यूरिक एसिड के मरीजों के लिए शराब, अल्कोहल, धूम्रपान आदि भी नुकसानदायक होता है। अतः इनका सेवन तुरंत छोड़ देना चाहिए। इनमे मौजूद यीस्ट शरीर में इसकी मात्रा को बढ़ा देता है।
  • इस बीमारी से ग्रसित मरीजों को खाना खाने के दौरान पानी नहीं पीना चाहिए। मरीजों को खाना खाने के लगभग डेढ़ से दो घंटे के बाद ही पानी पीना चाहिए।
यूरिक एसिड का घरेलु उपचार 

यदि किसी को यूरिक एसिड की समस्या हो रही है तो उसे अविलम्ब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और चिकित्सक की देख रेख में ही अपना उपचार कराना चाहिए फिर भी यदि कुछ घरेलु उपाय का पालन किया जाय तो इस रोग से काफी हद तक बचा जा सकता है या उसे नियंत्रित किया जा सकता है।

  • शरीर में यूरिक एसिड का एकत्र होना ही नुकसान पहुंचाता है। अतः इसे शरीर से बाहर करने के लिए सबसे बढ़िया उपाय है खूब पानी पीना। पानी के द्वारा यूरिक एसिड मूत्र के साथ बाहर निकलता रहता है और शरीर में इसकी मात्रा नियंत्रित रहती है। पानी पीने में एक बात का ध्यान रखना चाहिए कि खाना खाने के दौरान पानी नहीं पीना चाहिए। प्रयास यह रहे कि भोजन के डेढ़ से दो घंटे के बाद ही पानी पीये।
  • यूरिक एसिड के मरीजों को बेकिंग पाउडर आधा चम्मच एक गिलास पानी के साथ लेना काफी लाभदायक साबित होता है। बेकिंग पाउडर का अल्कलाइन गुण इसके प्रभाव को कम कर देता है। हार्ट और उच्च रक्तचाप के मरीजों को इसका सेवन नहीं करना चाहिए। 
  • इस बीमारी में अजवाइन का सेवन भी काफी लाभदायक होता है। इसे प्रतिदिन पानी के साथ लेना चाहिए।
  • यूरिक एसिड की मात्रा शरीर में कम करने के लिए प्याज का सेवन भी किया जा सकता है। प्याज शरीर में मेटाबॉलिज़्म को बढ़ाता है तथा प्रोटीन की मात्रा को भी नियंत्रित रखता है जिससे कि यूरिक एसिड बढ़ नहीं पाता।
  • सेब का सिरका इस बीमारी में काफी लाभदायक होता है। रोजाना सेब का सिरका पानी के साथ लेने से शरीर में इसकी मात्रा काफी हद तक नियंत्रित हो जाती है।
  • संतरा, आंवला आदि फल जिनमे विटामिन सी प्रचुर मात्रा में होती है उनका सेवन इस रोग में खूब करना चाहिए। विटामिन सी शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा को नियंत्रित कर देता है।
  • कच्चा पपीता का सूप  इस रोग में काफी लाभदायक है। इसके लिए कच्चे पपीते को पानी में उबाल कर फिर इसे छान कर अलग कर लिया जाता है और फिर उस पानी को दिन में दो तीन बार लिया जाता है।

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