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Showing posts from February, 2019

तेरी किस्मत, मेरी किस्मत: A Motivational Story

सरिता स्टेशन पर बैठ कर ट्रैन की प्रतीक्षा कर रही थी। ट्रैन करीब दो घंटे लेट थी। सरिता को गुस्सा आ रहा था। वह कभी उठती चहल कदमी करती और फिर बैठ जाती। ऐसा मेरे साथ ही क्यों होता है अकसर ? जब भी मुझे  कही ट्रैन से जाना होता है तो ट्रैन लेट हो जाती है। आपसे मै बोली थी कि आराम से चलते हैं पर आप कहाँ मानने वाले हैं। अब झेलो। सौरभ खुद परेशान था उस पर उसकी पत्नी सरिता बोले जा रही थी। एक एक पल मानो एक एक युग के बराबर हो रहा  था। अन्य दूसरी ट्रेनें आ कर चली जा रहीं थी। सरिता के सब्र  का बाँध टूट रहा था। आखिर करीब तीन घंटों की प्रतीक्षा के बाद ट्रैन आयी। ट्रैन आयी तो जरूर पर वह खचाखच भरी हुई थी। किसी तरह से सौरभ और सरिता अंदर घुस पाए। शरीर से शरीर छील  रहा था। बैठना तो दूर खड़े रहने में भी दिक्कत हो रही थी। सरिता और सौरभ किसी तरह  जहाँ बन पड़ा मूर्तिवत खड़े हो गए।  धीरे धीरे उनका स्टेशन आ गया था। ज्योंहि गाड़ी स्टेशन पर रुकी उतरने और चढ़ने वालों में संघर्ष होने लगा। न उतरने वालों में धैर्य था और न हीं चढ़ने वालों में सब्र। खैर किसी तरह सरिता और सौरभ  उतरें।  दोनों प्लेटफार्म से बाहर निकले। काफी इंतज़ार…

पारस पत्थर : ए मोटिवेशनल स्टोरी

पारस पत्थर : ए मोटिवेशनल स्टोरी 

सोहन आज एक नयी एलईडी टीवी खरीद कर लाया था। टीवी को इनस्टॉल करने वाले मेकैनिक भी साथ आये थे। मैकेनिक कमरे में टीवी को इनस्टॉल कर रहे थे। तभी सोहन की बीबी उनके लिए चाय बना कर ले आयी। दोनों मैकेनिकों ने जल्दी ही अपना काम ख़तम कर दिया। सोहन नयी टीवी के साथ नया टाटा स्काई का कनेक्शन भी लिया था। चाय पीते पीते उन्होंने टीवी को चालू भी कर दिया था। उसी समय सोहन का पडोसी रामलाल भी आ गया। नयी टीवी लिए हो क्या ? उसने घर में घुसते ही पूछा।  हाँ लिया हूँ।  सोहन ने जवाब दिया। कित्ते की पड़ी ? यही कोई चौदह हज़ार की। हूँ बड़ी महँगी है। राम लाल ने मुंह बनाते हुए कहा। सोहन ने कहा मंहंगी तो है लेकिन क्या करें कौन सारा पैसा लेकर ऊपर जाना है। सोहन ने राम लाल को भी चाय पिलायी। चाय पीने के बाद राम लाल चला गया। सोहन अपने परिवार के साथ बैठ कर टीवी का आनंद लेने लगा।

इंसान अपने दुःख से उतना दुखी नहीं होता जितना दूसरे के सुख को देख कर

सोहन लकड़ी का काम किया करता था। खूब मेहनती था। अच्छा कारीगर था अतः उसके पास काम भी खूब आते थे।रात में अकसर दस बारह बजे तक वह काम किया करता था। इसी मेहनत का …

Naye Joote Purane Joote A Motivational Story

सौरभ स्कूल से आया और बैग पटक कर अपने कमरे में जा पंहुचा।  कमरे में पहुंचकर वह चादर तान कर सो गया। थोड़ी देर में मम्मी आयी और उसे जगाया उठो बेटे क्या हुआ ऐसे क्यों सोये हो तबियत तो ठीक है न ? माँ ने उसके सर पर हाथ रखते हुए पूछा। सौरभ तकिये पर चेहरे को टिका कर सूबक रहा था। मम्मी उसकी पीठ पर हाथ फेरते हुए पूछा बताओ बेटे क्या हुआ। सौरभ ने उसी अवस्था में सोये सोये कहा "मम्मी मै कल से स्कूल नहीं जाऊंगा।" मम्मी ने कहा "क्यों , क्यों नहीं जाओगे ?" मम्मी स्कूल के सब बच्चे हँसते हैं कहते हैं "देखो फिर वही पुराने जूते पहन कर आ गया।  मम्मी तुम्ही बताओ मैंने पापा से कितनी बार कहा था मुझे नए जूते ला दो, लेकिन नहीं उन्हें तो अपने काम से फुर्सत ही नहीं। मेरी कौन सुनता है ?" "बेटा तुम्हारे जूते तो अभी नए ही हैं कितने दिन हुए उन्हें लिए हुए और तुम दोस्तों की बातों में आ गए, देखो लोग हर बात में ऐब निकालते हैं तुम्हें उनकी बातों पर ध्यान नहीं देना चाहिए।"  "नहीं मम्मी मै किसी की बातों में नहीं आता ये जूते पहनने पर चुभते हैं और ये बहुत टाइट भी हो गए हैं तुम्हारी…

Paris: Fashion City Of The World

पूरी दुनियां फैशन और ग्लैमर की नगरी के नाम से मशहूर पेरिस न केवल फ़्रांस का बल्कि पूरी दुनिया के महत्वपूर्ण शहरों में अपना स्थान रखता है। इसे सिटी ऑफ़ लाइट भी कहते हैं। यह फ्रांस की राजधानी है। सीन नदी के आगोश में समाया हुआ यह शहर अपनी कला, साहित्य, शिल्प और ग्लैमर के लिए विश्व विख्यात है। यह न केवल एक बड़ा व्यापारिक केंद्र है बल्कि शिक्षा का भी एक बहुत बड़ा केंद्र रहा है। यह फ़्रांसिसी क्रांति का एक महत्वपूर्ण केंद्र था।



पेरिस सिटी : सिटी ऑफ़ लाइट 

पेरिस को सिटी ऑफ़ लाइट भी कहा जाता है क्योंकि यूरोप में सबसे पहले गैस स्ट्रीट लाइट की शुरुवात यहीं की गयी थी। सिटी ऑफ़ लाइट कहने के एक वजह यह भी है कि यहीं यूरोप का प्रथम विश्वविद्यालय खोला गया था।

पेरिस का इतिहासऔर आधुनिक पेरिस का निर्माण 

जहाँ तक पेरिस की स्थापना की कहानी है वह यह है कि तीसरी शताब्दी ईशा पूर्व में सेल्टिक लोगों के द्वारा इसे बसाया गया था। सेल्टिक लोगों को उन दिनों पारिसी कहा जाता था। इसे पहले लुटेटिया कहा जाता था। बारहवीं शताब्दी आते आते पेरिस पश्चिम का एक बड़ा व्यापारिक केंद्र बन चूका था। पेरिस को भव्य और आधुनिक बनाने का श्रेय नेपोल…