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Showing posts from 2019

तेरी किस्मत, मेरी किस्मत: A Motivational Story

सरिता स्टेशन पर बैठ कर ट्रैन की प्रतीक्षा कर रही थी। ट्रैन करीब दो घंटे लेट थी। सरिता को गुस्सा आ रहा था। वह कभी उठती चहल कदमी करती और फिर बैठ जाती। ऐसा मेरे साथ ही क्यों होता है अकसर ? जब भी मुझे  कही ट्रैन से जाना होता है तो ट्रैन लेट हो जाती है। आपसे मै बोली थी कि आराम से चलते हैं पर आप कहाँ मानने वाले हैं। अब झेलो। सौरभ खुद परेशान था उस पर उसकी पत्नी सरिता बोले जा रही थी। एक एक पल मानो एक एक युग के बराबर हो रहा  था। अन्य दूसरी ट्रेनें आ कर चली जा रहीं थी। सरिता के सब्र  का बाँध टूट रहा था। आखिर करीब तीन घंटों की प्रतीक्षा के बाद ट्रैन आयी। ट्रैन आयी तो जरूर पर वह खचाखच भरी हुई थी। किसी तरह से सौरभ और सरिता अंदर घुस पाए। शरीर से शरीर छील  रहा था। बैठना तो दूर खड़े रहने में भी दिक्कत हो रही थी। सरिता और सौरभ किसी तरह  जहाँ बन पड़ा मूर्तिवत खड़े हो गए।  धीरे धीरे उनका स्टेशन आ गया था। ज्योंहि गाड़ी स्टेशन पर रुकी उतरने और चढ़ने वालों में संघर्ष होने लगा। न उतरने वालों में धैर्य था और न हीं चढ़ने वालों में सब्र। खैर किसी तरह सरिता और सौरभ  उतरें।  दोनों प्लेटफार्म से बाहर निकले। काफी इंतज़ार…

पारस पत्थर : ए मोटिवेशनल स्टोरी

पारस पत्थर : ए मोटिवेशनल स्टोरी 

सोहन आज एक नयी एलईडी टीवी खरीद कर लाया था। टीवी को इनस्टॉल करने वाले मेकैनिक भी साथ आये थे। मैकेनिक कमरे में टीवी को इनस्टॉल कर रहे थे। तभी सोहन की बीबी उनके लिए चाय बना कर ले आयी। दोनों मैकेनिकों ने जल्दी ही अपना काम ख़तम कर दिया। सोहन नयी टीवी के साथ नया टाटा स्काई का कनेक्शन भी लिया था। चाय पीते पीते उन्होंने टीवी को चालू भी कर दिया था। उसी समय सोहन का पडोसी रामलाल भी आ गया। नयी टीवी लिए हो क्या ? उसने घर में घुसते ही पूछा।  हाँ लिया हूँ।  सोहन ने जवाब दिया। कित्ते की पड़ी ? यही कोई चौदह हज़ार की। हूँ बड़ी महँगी है। राम लाल ने मुंह बनाते हुए कहा। सोहन ने कहा मंहंगी तो है लेकिन क्या करें कौन सारा पैसा लेकर ऊपर जाना है। सोहन ने राम लाल को भी चाय पिलायी। चाय पीने के बाद राम लाल चला गया। सोहन अपने परिवार के साथ बैठ कर टीवी का आनंद लेने लगा।

इंसान अपने दुःख से उतना दुखी नहीं होता जितना दूसरे के सुख को देख कर

सोहन लकड़ी का काम किया करता था। खूब मेहनती था। अच्छा कारीगर था अतः उसके पास काम भी खूब आते थे।रात में अकसर दस बारह बजे तक वह काम किया करता था। इसी मेहनत का …

Naye Joote Purane Joote A Motivational Story

सौरभ स्कूल से आया और बैग पटक कर अपने कमरे में जा पंहुचा।  कमरे में पहुंचकर वह चादर तान कर सो गया। थोड़ी देर में मम्मी आयी और उसे जगाया उठो बेटे क्या हुआ ऐसे क्यों सोये हो तबियत तो ठीक है न ? माँ ने उसके सर पर हाथ रखते हुए पूछा। सौरभ तकिये पर चेहरे को टिका कर सूबक रहा था। मम्मी उसकी पीठ पर हाथ फेरते हुए पूछा बताओ बेटे क्या हुआ। सौरभ ने उसी अवस्था में सोये सोये कहा "मम्मी मै कल से स्कूल नहीं जाऊंगा।" मम्मी ने कहा "क्यों , क्यों नहीं जाओगे ?" मम्मी स्कूल के सब बच्चे हँसते हैं कहते हैं "देखो फिर वही पुराने जूते पहन कर आ गया।  मम्मी तुम्ही बताओ मैंने पापा से कितनी बार कहा था मुझे नए जूते ला दो, लेकिन नहीं उन्हें तो अपने काम से फुर्सत ही नहीं। मेरी कौन सुनता है ?" "बेटा तुम्हारे जूते तो अभी नए ही हैं कितने दिन हुए उन्हें लिए हुए और तुम दोस्तों की बातों में आ गए, देखो लोग हर बात में ऐब निकालते हैं तुम्हें उनकी बातों पर ध्यान नहीं देना चाहिए।"  "नहीं मम्मी मै किसी की बातों में नहीं आता ये जूते पहनने पर चुभते हैं और ये बहुत टाइट भी हो गए हैं तुम्हारी…

Paris: Fashion City Of The World

पूरी दुनियां फैशन और ग्लैमर की नगरी के नाम से मशहूर पेरिस न केवल फ़्रांस का बल्कि पूरी दुनिया के महत्वपूर्ण शहरों में अपना स्थान रखता है। इसे सिटी ऑफ़ लाइट भी कहते हैं। यह फ्रांस की राजधानी है। सीन नदी के आगोश में समाया हुआ यह शहर अपनी कला, साहित्य, शिल्प और ग्लैमर के लिए विश्व विख्यात है। यह न केवल एक बड़ा व्यापारिक केंद्र है बल्कि शिक्षा का भी एक बहुत बड़ा केंद्र रहा है। यह फ़्रांसिसी क्रांति का एक महत्वपूर्ण केंद्र था।



पेरिस सिटी : सिटी ऑफ़ लाइट 

पेरिस को सिटी ऑफ़ लाइट भी कहा जाता है क्योंकि यूरोप में सबसे पहले गैस स्ट्रीट लाइट की शुरुवात यहीं की गयी थी। सिटी ऑफ़ लाइट कहने के एक वजह यह भी है कि यहीं यूरोप का प्रथम विश्वविद्यालय खोला गया था।

पेरिस का इतिहासऔर आधुनिक पेरिस का निर्माण 

जहाँ तक पेरिस की स्थापना की कहानी है वह यह है कि तीसरी शताब्दी ईशा पूर्व में सेल्टिक लोगों के द्वारा इसे बसाया गया था। सेल्टिक लोगों को उन दिनों पारिसी कहा जाता था। इसे पहले लुटेटिया कहा जाता था। बारहवीं शताब्दी आते आते पेरिस पश्चिम का एक बड़ा व्यापारिक केंद्र बन चूका था। पेरिस को भव्य और आधुनिक बनाने का श्रेय नेपोल…

Kachhua Fir Jeet Gaya

कछुआ फिर जीत गया 


जब से रोहित को सामान्य ज्ञान की जिला स्तरीय प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पाने की सूचना मिली थी तब से उसके पांव जमीन पर नहीं पड़ रहे थे। वह काफी खुश था। वह कभी नाच रहा था तो कभी जोर जोर से गाने लगता था। पूरा घर खुश था। अभी कुछ ही दिनों पहले उसके शहर में किसी संस्था द्वारा प्रतिभा खोज कार्यक्रम के तहत जिला स्तरीय सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता का आयोजन कराया गया था। शहर के सभी स्कूलों के बच्चों ने इसमें हिस्सा लिया था। आज ही उसका परिणाम घोषित हुआ था और सभी को मैसेज के द्वारा रिजल्ट बताया गया था।



रोहित शुरू से ही पढ़ने में काफी होशियार था। उसके यार दोस्त, मोहल्ले वाले और स्कुल वाले उसकी प्रतिभा के कायल थे। वह शहर के एक अच्छे से स्कूल में पढता था। उसके माता पिता की स्थिति बहुत ही अच्छी थी। उसे किसी बात की कमी नहीं थी। वह खूब परिश्रम से पढ़ाई करता।
सामान्य ज्ञान की प्रतियोगिता में प्रथम आने की खबर अखबार में भी छपी थी।  रोहित अब जहाँ भी जाता लोग उसके चर्चे करते। चारों तरफ अपनी प्रशंशा सुन कर रोहित को भी बहुत अच्छा लगता। धीरे धीरे रोहित को इसकी आदत सी पड़ गयी थी और वह उसमे आनंद लेने लग…

सुबह का भूला

Subah Ka Bhula: A Motivational Story


इंटर पास करने के बाद मुकेश कहीं बाहर पढ़ने की सोच रहा था। उसके दिमाग में कई शहर आ रहे थे। कभी वह दिल्ली जाने की सोचता तो कभी इलाहबाद। वह फैसला नहीं कर पा रहा था। पढाई में मुकेश अच्छा था। इंटर की परीक्षा वह अच्छे नंबरों से पास किया था। उसके कुछ मित्र इलाहाबाद जा रहे थे। मुकेश के पिताजी खेती करते थे। उसका एक भाई और दो बहनें थीं। वह घर में सबसे बड़ा था। घर की माली हालत बहुत अच्छी नहीं थी फिर भी उसके पिताजी की इच्छा थी कि वह बाहर जाकर पढ़ाई करे। पिताजी ने उसके जाने की पूरी तैयारी भी  कर दी थी।



आखिरकार वह इलाहबाद आ ही गया। एक अच्छे कॉलेज में उसका एडमिशन हो गया था। उसे हॉस्टल भी मिल गया था। मुकेश यहाँ अच्छे से पढ़ाई करने लगा। पिताजी हर महीने उसके लिए पैसे भेजा करते थे। वह पिताजी की हालत देखकर पैसे लेना तो नहीं चाहता था किन्तु उसकी भी मज़बूरी थी। हॉस्टल में उसका रूममेट था अविनाश। अविनाश काफी पैसे वाले घर का था। पैसे का प्रभाव उसके रहन सहन और कमरे में भी दीखता था। पढाई के अलावा उसका हर काम में मन लगता था। मुकेश बहुत कोशिश करता था उसका प्रभाव उस पर न पड़े। किन्तु ह…

ऐसा धन जिसे कोई चुरा नहीं सकता

ऐसा धन जिसे कोई चुरा नहीं सकता a motivational story
मोटिवेशनल स्टोरी 

"पापा पापा, बाबू ने मेरी ड्राइंग की कॉपी फाड़ दी है " बेटी ने रोते हुए शिकायत किया। "देखिए न, मैंने कितना कुछ बनाया था।" उसने फटे हुए पन्नो को जोड़ते हुए दिखाया। मैंने उसे चुप कराने की कोशिश की तो वह और भी ज्यादा रोने लगी। मैंने कहा अच्छा ठीक है चलो मै तुम्हे दूसरी कॉपी दिला दे रहा हूँ। मै कान्हा को बुलाया और खूब डांटा तो वह भी रोने लगा और बोला "दीदी मुझे कलर वाली पेंसिल नहीं दे रही थी।" अब दोनों रो रहे थे।  मैंने दोनों को समझाया। कान्हा तो चुप हो गया किन्तु इशू रोए जा रही थी। "मैंने इतने अच्छे अच्छे ड्राइंग बनाये थे , सब के सब फट गए।" वास्तव में इशू की रूचि ड्राइंग में कुछ ज्यादा ही थी। जो भी देखती उसे अपने ड्राइंग बुक में बना डालती, कलर करती और संजो कर रख लेती। मै उसको समझाने लगा देखो बेटी फिर से बना लेना, उसने कॉपी फाड़ी है किन्तु तुम्हारे हुनर को कोई नहीं छीन सकता। हुनर या टैलेंट ऐसी चीज़ है जिसे कोई नष्ट नहीं कर सकता। वह मेरे पास आकर बैठ गयी, मै उसके सर पर हाथ फेरने लगा वह अ…

Mumbai: Ek Laghu Bharat

मुंबई जिसे भारत का पश्चिम द्वार, भारत की आर्थिक राजधानी, सात टापुओं का नगर, सितारों की नगरी, सपनो का शहर, एक ऐसा शहर जहाँ रात नहीं होती आदि कई नामों से पुकारा जाता है, न केवल भारत का सर्वाधिक जनसँख्या वाला शहर है बल्कि यह दुनिया के सर्वाधिक जनसँख्या वाले शहरों में दूसरा स्थान रखता है और अनुमान है 2020 तक यह विश्व का सबसे अधिक जनसँख्या वाला शहर बन जाएगा। यह नगर वास्तव में भारत के समृद्धत्तम नगरों में से एक है। भारत के सबसे अमीर लोगों का निवास स्थान यहीं है और भारत के जीडीपी का पांच प्रतिशत हिस्सा यहीं से आता है। भारत के प्रति व्यक्ति की आय के मुकाबले मुंबई के प्रति व्यक्ति की आय तिगुनी है। यह भारत के सबसे अधिक गगनचुम्बी इमारतों वाला शहर है।



मुंबई की स्थापना और इतिहास

मुंबई का इतिहास बहुत पुराना जान पड़ता है।  कांदिवली के निकट पाषाण काल के मिले अवशेष यहाँ उस युग में भी मानव बस्ती होने की गवाही देते हैं। ई पूर्व 250 में जब इसेहैपटनेसिआ कहा जाता था तब के भी यहाँ  लिखित प्रमाण मिले हैं। ईशा पूर्व तीसरी शताब्दी में यहाँ सम्राट अशोक का शासन रहा फिर सातवाहन से लेकर इंडो साइथियन वेस्टर्न स्ट्रै…