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Showing posts from 2019

Uric Acid Me Kya Khayen Aur Kya Na Khayen

यूरिक एसिड का बढ़ना आज एक आम समस्या होती जा रही है। यह न केवल बेहद कष्टदायक होता है बल्कि कई स्थ्तितियों में तो मरीज का चलना फिरना भी दूभर हो जाता है। चूकि शरीर में यूरिक एसिड मात्रा काफी कुछ हम क्या खाते हैं उस पर निर्भर करता है अतः इस बीमारी से ग्रसित होने पर हमे अपने खान पान पर काफी ध्यान देना चाहिए। दालें, मीट, सोयाबीन जैसी चीजें इस रोग को और बढ़ा देती हैं अतः इनका यथासंभव परहेज करना चाहिए। किसी भी बीमारी में उसकी जानकारी ही उसका सबसे बड़ा बचाव होती है। यूरिक एसिड के केस में भी यदि मरीज अपने खानपान पर ध्यान दे तो वह इस बीमारी को काफी हद तक नियंत्रित कर सकता है। आईये आज हम जानते हैं यूरिक एसिड में करें और क्या न करें। 

यूरिक एसिड के बारे में डिटेल जानने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें 
https://www.saansthelife.com/2018/03/the-effects-of-excess-uric-acid.html



यूरिक एसिड में क्या क्या खाया जा सकता है 
यूरिक एसिड रोग में हम अपने खानपान पर ध्यान दे कर इस पर नियंत्रण रख सकते हैं। हमें अपने भोजन में हरी सब्ज़ियां, विटामिन सी युक्त फल इत्यादि को शामिल करना चाहिए। 
यूरिक एसिड के मरीजों को सेब का सिरक…

Thyroid Kya Hai, Thyroid ke Lakshan Aur Upchar

थायरॉइड आज की तारीख में एक आम समस्या बनती जा रही है। लगभग हर परिवार में कोई न कोई इस समस्या से पीड़ित मिल जायेगा। यह सामान्य से लेकर कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। हमारा खानपान, बिजी शिड्यूल, तनाव और हमारी जीवन शैली इस समस्या की वजह हो सकते है। 

थायरॉइड क्या होता है ?

थायरॉइड वास्तव में किसी बीमारी का नाम नहीं है। यह मानव शरीर के अंदर एक एंडोक्राइन ग्लैंड का नाम है। यह ग्लैंड गले के भीतर स्वर यंत्र के दोनों तरफ तितली के आकार में होती है। यह श्वास नली के ऊपर स्थित होती है। थाइरॉइड ग्रंथि का मुख्य कार्य शरीर के मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करना होता है। इसके लिए यह थाइरॉक्सिन नामक हॉर्मोन बनाती है। यह हार्मोन शरीर के सभी मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करता है जिसमे ऊर्जा उत्पादन में मदद करना, प्रोटीन उत्पादन आदि सम्मिलित है। 





थायरॉइड रोग क्या है ?

यहाँ तक तो सब ठीक है किन्तु स्थिति तब बुरी हो जाती है जब यह ग्रंथि सही तरह से अपना काम नहीं कर पाती है। कभी कभी यह थाइरॉक्सिन हॉर्मोन का उत्सर्जन अधिक मात्रा में करने लगती है तो कभी जरुरत से काफी कम। दोनों स्थितियां हमारे शरीर को प्रभावित करती है…

आलू से सोना बनाने की मशीन: A Motivational Story

आलू से सोना बनाने की मशीन A Motivational Story
सुनो जी इस बार फसल के अच्छे दाम मिले तो मै अपने लिए झूमके बनवाऊंगी। मंडी जाते समय सूरज की पत्नी ने उससे कहा। सूरज की पत्नी को गहनों का बड़ा शौक था पर पैसों की कमी की वजह से कभी वह अपने शौक को हमेशा पूरा नहीं कर पाती। सूरज उसकी बातों को सुन हामी भरते हुए मंडी निकल पड़ा। 
 दिन भर मंडी में मोल भाव करने के बाद भी उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था। वह बहुत निराश था। आज भी उसके आलूओं की कोई खास कीमत नहीं मिली थी। वह उन्हें बिना बेचे  ही वापस आ रहा था। उसे अपना बड़ा नुकसान साफ़ साफ़ दीख रहा था। हालाँकि यह पिछले कई सालों से हो रहा था फिर भी इस बार उसे काफी उम्मीदें थीं। उसने बहुत कुछ सोच कर रखा था। लड़का इलाहबाद में रहता था  उसे खर्चे भेजने थे। सोचा था अच्छे दाम मिलेंगे तो लड़की के नाम से कुछ पैसे बैंक में फिक्स करा दूंगा शादी में काम आएंगे। पत्नी के झुमके भी लेने थे।उसका दिल बैठा जा रहा था।शाम के चार बज गए थे। उसे बड़ी तेज भूख लगी थी। वह एक भूजे वाली दूकान पर गया और दस रुपये का भूजा लेकर खाने लगा। भूजा खाने के बाद भूजा वाले पेपर के दोने को खोल कर वह देखने लगा। वह …

तेरी किस्मत, मेरी किस्मत: A Motivational Story

सरिता स्टेशन पर बैठ कर ट्रैन की प्रतीक्षा कर रही थी। ट्रैन करीब दो घंटे लेट थी। सरिता को गुस्सा आ रहा था। वह कभी उठती चहल कदमी करती और फिर बैठ जाती। ऐसा मेरे साथ ही क्यों होता है अकसर ? जब भी मुझे  कही ट्रैन से जाना होता है तो ट्रैन लेट हो जाती है। आपसे मै बोली थी कि आराम से चलते हैं पर आप कहाँ मानने वाले हैं। अब झेलो। सौरभ खुद परेशान था उस पर उसकी पत्नी सरिता बोले जा रही थी। एक एक पल मानो एक एक युग के बराबर हो रहा  था। अन्य दूसरी ट्रेनें आ कर चली जा रहीं थी। सरिता के सब्र  का बाँध टूट रहा था। आखिर करीब तीन घंटों की प्रतीक्षा के बाद ट्रैन आयी। ट्रैन आयी तो जरूर पर वह खचाखच भरी हुई थी। किसी तरह से सौरभ और सरिता अंदर घुस पाए। शरीर से शरीर छील  रहा था। बैठना तो दूर खड़े रहने में भी दिक्कत हो रही थी। सरिता और सौरभ किसी तरह  जहाँ बन पड़ा मूर्तिवत खड़े हो गए।  धीरे धीरे उनका स्टेशन आ गया था। ज्योंहि गाड़ी स्टेशन पर रुकी उतरने और चढ़ने वालों में संघर्ष होने लगा। न उतरने वालों में धैर्य था और न हीं चढ़ने वालों में सब्र। खैर किसी तरह सरिता और सौरभ  उतरें।  दोनों प्लेटफार्म से बाहर निकले। काफी इंतज़ार…

पारस पत्थर : ए मोटिवेशनल स्टोरी

पारस पत्थर : ए मोटिवेशनल स्टोरी 

सोहन आज एक नयी एलईडी टीवी खरीद कर लाया था। टीवी को इनस्टॉल करने वाले मेकैनिक भी साथ आये थे। मैकेनिक कमरे में टीवी को इनस्टॉल कर रहे थे। तभी सोहन की बीबी उनके लिए चाय बना कर ले आयी। दोनों मैकेनिकों ने जल्दी ही अपना काम ख़तम कर दिया। सोहन नयी टीवी के साथ नया टाटा स्काई का कनेक्शन भी लिया था। चाय पीते पीते उन्होंने टीवी को चालू भी कर दिया था। उसी समय सोहन का पडोसी रामलाल भी आ गया। नयी टीवी लिए हो क्या ? उसने घर में घुसते ही पूछा।  हाँ लिया हूँ।  सोहन ने जवाब दिया। कित्ते की पड़ी ? यही कोई चौदह हज़ार की। हूँ बड़ी महँगी है। राम लाल ने मुंह बनाते हुए कहा। सोहन ने कहा मंहंगी तो है लेकिन क्या करें कौन सारा पैसा लेकर ऊपर जाना है। सोहन ने राम लाल को भी चाय पिलायी। चाय पीने के बाद राम लाल चला गया। सोहन अपने परिवार के साथ बैठ कर टीवी का आनंद लेने लगा।

इंसान अपने दुःख से उतना दुखी नहीं होता जितना दूसरे के सुख को देख कर

सोहन लकड़ी का काम किया करता था। खूब मेहनती था। अच्छा कारीगर था अतः उसके पास काम भी खूब आते थे।रात में अकसर दस बारह बजे तक वह काम किया करता था। इसी मेहनत का …

Naye Joote Purane Joote A Motivational Story

सौरभ स्कूल से आया और बैग पटक कर अपने कमरे में जा पंहुचा।  कमरे में पहुंचकर वह चादर तान कर सो गया। थोड़ी देर में मम्मी आयी और उसे जगाया उठो बेटे क्या हुआ ऐसे क्यों सोये हो तबियत तो ठीक है न ? माँ ने उसके सर पर हाथ रखते हुए पूछा। सौरभ तकिये पर चेहरे को टिका कर सूबक रहा था। मम्मी उसकी पीठ पर हाथ फेरते हुए पूछा बताओ बेटे क्या हुआ। सौरभ ने उसी अवस्था में सोये सोये कहा "मम्मी मै कल से स्कूल नहीं जाऊंगा।" मम्मी ने कहा "क्यों , क्यों नहीं जाओगे ?" मम्मी स्कूल के सब बच्चे हँसते हैं कहते हैं "देखो फिर वही पुराने जूते पहन कर आ गया।  मम्मी तुम्ही बताओ मैंने पापा से कितनी बार कहा था मुझे नए जूते ला दो, लेकिन नहीं उन्हें तो अपने काम से फुर्सत ही नहीं। मेरी कौन सुनता है ?" "बेटा तुम्हारे जूते तो अभी नए ही हैं कितने दिन हुए उन्हें लिए हुए और तुम दोस्तों की बातों में आ गए, देखो लोग हर बात में ऐब निकालते हैं तुम्हें उनकी बातों पर ध्यान नहीं देना चाहिए।"  "नहीं मम्मी मै किसी की बातों में नहीं आता ये जूते पहनने पर चुभते हैं और ये बहुत टाइट भी हो गए हैं तुम्हारी…

Paris: Fashion City Of The World

पूरी दुनियां फैशन और ग्लैमर की नगरी के नाम से मशहूर पेरिस न केवल फ़्रांस का बल्कि पूरी दुनिया के महत्वपूर्ण शहरों में अपना स्थान रखता है। इसे सिटी ऑफ़ लाइट भी कहते हैं। यह फ्रांस की राजधानी है। सीन नदी के आगोश में समाया हुआ यह शहर अपनी कला, साहित्य, शिल्प और ग्लैमर के लिए विश्व विख्यात है। यह न केवल एक बड़ा व्यापारिक केंद्र है बल्कि शिक्षा का भी एक बहुत बड़ा केंद्र रहा है। यह फ़्रांसिसी क्रांति का एक महत्वपूर्ण केंद्र था।



पेरिस सिटी : सिटी ऑफ़ लाइट 

पेरिस को सिटी ऑफ़ लाइट भी कहा जाता है क्योंकि यूरोप में सबसे पहले गैस स्ट्रीट लाइट की शुरुवात यहीं की गयी थी। सिटी ऑफ़ लाइट कहने के एक वजह यह भी है कि यहीं यूरोप का प्रथम विश्वविद्यालय खोला गया था।

पेरिस का इतिहासऔर आधुनिक पेरिस का निर्माण 

जहाँ तक पेरिस की स्थापना की कहानी है वह यह है कि तीसरी शताब्दी ईशा पूर्व में सेल्टिक लोगों के द्वारा इसे बसाया गया था। सेल्टिक लोगों को उन दिनों पारिसी कहा जाता था। इसे पहले लुटेटिया कहा जाता था। बारहवीं शताब्दी आते आते पेरिस पश्चिम का एक बड़ा व्यापारिक केंद्र बन चूका था। पेरिस को भव्य और आधुनिक बनाने का श्रेय नेपोल…

Kachhua Fir Jeet Gaya

कछुआ फिर जीत गया 


जब से रोहित को सामान्य ज्ञान की जिला स्तरीय प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पाने की सूचना मिली थी तब से उसके पांव जमीन पर नहीं पड़ रहे थे। वह काफी खुश था। वह कभी नाच रहा था तो कभी जोर जोर से गाने लगता था। पूरा घर खुश था। अभी कुछ ही दिनों पहले उसके शहर में किसी संस्था द्वारा प्रतिभा खोज कार्यक्रम के तहत जिला स्तरीय सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता का आयोजन कराया गया था। शहर के सभी स्कूलों के बच्चों ने इसमें हिस्सा लिया था। आज ही उसका परिणाम घोषित हुआ था और सभी को मैसेज के द्वारा रिजल्ट बताया गया था।



रोहित शुरू से ही पढ़ने में काफी होशियार था। उसके यार दोस्त, मोहल्ले वाले और स्कुल वाले उसकी प्रतिभा के कायल थे। वह शहर के एक अच्छे से स्कूल में पढता था। उसके माता पिता की स्थिति बहुत ही अच्छी थी। उसे किसी बात की कमी नहीं थी। वह खूब परिश्रम से पढ़ाई करता।
सामान्य ज्ञान की प्रतियोगिता में प्रथम आने की खबर अखबार में भी छपी थी।  रोहित अब जहाँ भी जाता लोग उसके चर्चे करते। चारों तरफ अपनी प्रशंशा सुन कर रोहित को भी बहुत अच्छा लगता। धीरे धीरे रोहित को इसकी आदत सी पड़ गयी थी और वह उसमे आनंद लेने लग…