Skip to main content

Posts

Showing posts from November, 2018

Israel Ke Bare Me 36 Rochak Jankariyan

एक ऐसा देश जो मात्र 1948  में वज़ूद में आया और अपनी तरक्की और खुशहाली के मामले में दुनिया के कई देशों को बहुत पीछे छोड़  आगे निकल चूका है। एक ऐसा देश जो एक मृत भाषा को फिर से जिन्दा कर दिया हो। एक ऐसा देश जो चारों ओर से दुश्मन देशों से घिरा होने के बावजूद सब पर भारी पड़ता हो ।  जी हाँ हम इजराइल की बात कर रहे हैं। इजराइल दुनिया में सबसे नया देश होने के बावजूद  दुनिया के अग्रणी देशों से कन्धा से कन्धा मिलकर चलता है।   इजराइल एक ऐसा देश है जिसके बारे में हम सब को न केवल जानना चाहिए बल्कि उससे सीखना भी चाहिए । इस देश ने देशभक्ति और  देश प्रेम की अदभुत मिसाल इस दुनिया के सामने रखी है। यहाँ के नागरिकों ने अपनी प्रतिभा और अपनी मेहनत की बदौलत कम ही समय में अपने देश को दुनिया में एक पहचान दिलाई है। आइए देखते हैं इस देश की कुछ अनोखी बातें

स्थिति और जनसँख्या  इजराइल दुनिया का एकमात्र यहूदी देश है। इजराइल विश्व का इकलौता देश है जो पूरी दुनिया से आने वाले यहूदी शरणार्थियों का स्वागत करता है। दुनिया के किसी भी कोने में पैदा होने वाला कोई भी यहूदी उस देश के साथ साथ इजराइल का भी नागरिक माना जाता है। इजरा…

विवाह के समय लिए जाने वाले सात वचन कौन कौन से होते हैं

हिन्दू धर्म में विवाह को एक महत्वपूर्ण तथा पवित्र संस्कार माना गया है।  इसके बिना किसी व्यक्ति का जीवन पूर्ण नहीं माना  जाता है। यह एक धार्मिक अनुष्ठान होता है जिसमे अग्नि को साक्षी मान कर वर वधू एक दूसरे का साथ निभाने का प्रण लेते हैं। इसे पाणिग्रहण संस्कार भी कहा जाता है। चुकि हिन्दू विवाह एक धार्मिक अनुष्ठान होता है अतः इसे कई मन्त्रों और पूजन के द्वारा संपन्न कराया जाता है। इसमें वर वधू अग्नि के चारों ओर सात फेरे लेते हैं तथा ध्रूव तारे के समक्ष एक दूसरे के साथ तन, मन और आत्मा से एक पवित्र बंधन में बंधते हैं। यह सम्बन्ध अटूट और चिरस्थायी होता है और सम्बन्ध विच्छेद की कोई अवधारणा नहीं होती। यह इतना चिरस्थाई होता है कि इसे सात जन्म का रिश्ता माना जाता है। इस सम्बन्ध को पूर्ण करने के लिए सात फेरों के साथ साथ दूल्हा दुल्हन एक दूसरे से सात वचन लेते हैं।  इन सात वचनों का अपना महत्त्व होता है जिसे पति पत्नी जीवन भर एक दूसरे से निभाने का वादा करते हैं। इसे सात फेरों के सात वचन भी कहा जाता है।

विवाह के समय लिए जाने वाले सात वचन कौन कौन से होते हैं



विवाह के पश्चात् कन्या वर के वाम अंग में बैठन…

हिन्दू धर्म में सोलह संस्कार क्या हैं

भारतीय जीवन दर्शन में संस्कारों का बहुत महत्त्व है। माना जाता है कि ये संस्कार मनुष्य को बलशाली, यशस्वी, दीर्घायु और ओजपूर्ण बनाते हैं। इसके लिए हिन्दू या सनातन धर्म में सोलह संस्कारों की व्यवस्था की गयी है।  इनमे से तीन संस्कार मनुष्य के जन्म के पूर्व तथा एक संस्कार उसकी मृत्यु के पश्चात किया जाता है।
संस्कार वास्तव में मनुष्य का एक जीवन चक्र होता है जिससे होकर सभी को गुजरना है। यह जीवन के अगले क्रम में जाने की पूर्व तैयारी होती है जिम्मेदारियों और कर्तव्यों को बांधने की एक प्रक्रिया है जिससे कि व्यक्ति का जीवन सरल और सुलभ हो सके। यह एक जिम्मेदार नागरिक बनाने की एक प्रक्रिया है। इसके लिए कुछ धार्मिक अनुष्ठान किये जाते हैं जिनमे कुछ धार्मिक मन्त्रों और कुछ रीतिरिवाजों के माध्यम से इसे संपन्न कराया जाता है। इसके साथ ही व्यक्ति के आचरण के लिए भी कुछ निर्देश होते हैं।
वेदों में संस्कार का वर्णन नहीं है परन्तु इसकी कुछ प्रक्रियाओं की चर्चा की गयी है। बाद के ग्रंथों में संस्कारों की आवश्यकता पर बल दिया गया है। गौतम स्मृति में चालीस संस्कारों की चर्चा की गयी है जबकि महर्षि अंगिरा ने पच्चीस सं…