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Diabetes Ya Sugar Me Kya Na Khaye: 10 Cheezen Aapko Turant Chhod Deni Chahiye Yadi Aap Diabetes Ya Sugar Ke Marij Hain

आपको डायबिटीज है इस बात का पता चलते ही आपकी पूरी दुनिया ही बदल जाती है। आप मरीज और सब डॉक्टर बन जाते हैं और तरह तरह की सलाह देने लगते हैं। तुम्हे यह खाना चाहिए तुम्हे वह नहीं खाना चाहिए। दिन में चार बार खाओ सुबह में टहलो रोटी खाओ चावल मत खाना आदि आदि। मरीज बेचारा बहुत ही कन्फ्यूज्ड हो जाता है। उसके दिमाग में भय उत्पन्न हो जाता है और उसे अपना जीवन नीरस लगने लगता है। वह हमेशा भय में रहता है हर चीज़ खाने में डरने लगता है। कभी कभी वह इतना परहेज़ करने लगता है कि उसका शुगर लेवल मिनिमम से भी नीचे चला जाता है। यह भी स्थिति खतरनाक होती है। डायबिटीज का पता लगे तो  हमें घबराना नहीं चाहिए।  आराम से किसी अच्छे डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए और उसकी सलाह के अनुसार दवा और परहेज करना चाहिए। डायबिटीज यदि नियंत्रण में है तो फिर घबराने की कोई बात नहीं। अतः समय समय पर इसकी जांच करवाते रहना चाहिए।

डायबिटीज के बारे में विस्तृत जानकारी के लिए निम्न लिंक पर जाएँ



  


डायबिटीज में आपका खान पान और आपकी जीवन शैली का काफी महत्व है। मरीज को डॉक्टर की सलाह का पूरा ध्यान से पालन करना चाहिए। साथ ही खाने पीने की कुछ चीज़ें जो हमारे शुगर लेवल को बढ़ाती हैं उनकी जानकारी रखनी चाहिए। इसमें जानकारी ही सर्वोत्तम उपचार होता है। 


10 चीज़ें आपको तुरंत छोड़ देनी चाहिए यदि आप शुगर या डायबिटीज के मरीज हैं



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  • बेवरेज:  कोल्डड्रिंक,लस्सी ,शरबत आदि पेय पदार्थों में चीनी की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। कई रिसर्चों में पाया गया कि 200 ml कोल्ड ड्रिंक में करीब सात से ग्यारह चम्मच तक चीनी की मात्रा होती है। साथ ही अलग अलग ब्रांड के कोल्ड ड्रिंक में तथा अलग अलग देशों के सेम ब्रांड में इसकी मात्रा में काफी अंतर होता है।किन्तु किसी भी स्थिति में यह हमारे दिन भर की जरुरत के लायक चीनी की मात्रा से कम नहीं होता। डाइटिशियन की माने तो एक पुरुष को एक दिन में 70 g और एक महिला को 50 g चीनी सारे इनपुट भोजन या पेय पदार्थों से लेना चाहिए। यानि 200 ml का कोई कोल्डड्रिंक पीने के बाद उसी दिन यदि दूसरा कोल्डड्रिंक पिया जाय या कुछ भी मीठा खाया जाय तो वह हमारी उस दिन की जरुरत से ज्यादा होगी और यही अतिरिक्त  चीनी हमारे शरीर में नुक्सान पहुंचाता है। एक अन्य शोध में पाया गया कि कोल्ड ड्रिंक पीने के बीस मिनट के भीतर ही हमारे शरीर के ब्लड में शुगर का लेवल बढ़ जाता है। हमारा लिवर इस अतिरिक्त शुगर को वसा में बदल देता है जो हमारे शरीर के लिए काफी नुक्सानदायक है। 


  • केक पेस्ट्रीज,आइसक्रीम  : केक और पेस्ट्रीज में काफी मात्रा में शुगर और फैट होता है यह इस रोग में काफी नुकसानदायक साबित होता है। अतः इसके प्रयोग से बचना चाहिए। उच्च फैट वाले पदार्थ हमारे शरीर की इन्सुलिन प्रतिरोधक क्षमता को नुक्सान पहुंचाता है। केक और पेस्ट्रीज में मौजूद उच्च शर्करा और रिफाइंड आटे का मिश्रण न केवल ब्लड में शुगर के लेवल को बढ़ाता है बल्कि इन्सुलिन के फंक्शन में  बाधा पहुंचाता है। 
  • फ्रूट जूस : डायबिटीज के मरीजों को फलों के जूस से परहेज करना चाहिए। इन जूस में शुगर की मात्रा काफी ज्यादा होती है। साथ ही इन जूस में फाइबर की मात्रा नहीं के बराबर होती है। जूस की बजाय मरीज को बहुत इच्छा हो तो थोड़ा फल खाना चाहिए। जूस निकालने के दौरान फल के कई लाभदायक अवयव जैसे एंटीऑक्सीडेंट्स, फाइबर आदि नष्ट हो जाते हैं। अब आपके पास बिना फाइबर का शुगर से  भरपूर जूस बचता है। फाइबर शरीर में फलों के शुगर को शरीर में अवशोषित होने की प्रक्रिया को धीमा करता है जिससे कि इनका गलाईकेमिक इंडेक्स कम रहे। 
  • अलकोहल : अलकोहल डायबिटीज के रोगियों को काफी नुक्सान पहुंचाता है। इसकी ज्यादा मात्रा ब्लड शुगर को बढ़ाती है। अलकोहलिक ड्रिंक्स  अक्सर बहुत ज्यादा मात्रा में कैलोरीज होता है अलकोहल हमारे भूख को स्टिमुलेट कर देता है जिससे कि लोग ज्यादा भोजन लेने लगते हैं और शरीर में चर्बी बनने लगती है। यह चर्बी हमारे शरीर को मोटापा देता है जो कि शुगर के लिए काफी खतरनाक है। इसके साथ ही अलकोहल मुँह से लेने वाली शुगर की गोलियों पर भी विपरीत असर डालता है।


  • रिफाइंड अनाज : रिफाइंड ग्रेन्स जैसे पॉलिशड चावल, सफ़ेद पाश्ता, वाइट ब्रेड जिसमे फाइबर की मात्रा बहुत कम होती है हमारे ब्लड शुगर को बढ़ाते हैं। एक छह साल के अध्ययन में जो 65000 महिलाओं पर किया गया था जो इस तरह के भोजन लेती थीं उनमे टाइप टू डायबिटीज होने की ढाई गुना संभावना पायी गयी बनिस्पत वो जो फाइबर युक्त भोजन लेती थीं। 
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  • फल : ऐसे फल जिनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स ऊँचा होता है उनका सेवन कत्तई नहीं करना चाहिए। आम, केला,सेब, अंगूर आदि फल शुगर के मरीजों को काफी नुक्सान पहुंचाते हैं। बहुत इच्छा हो तो उन्हें फाइबर युक्त फल थोड़ी  मात्रा में खा सकते हैं। फाइबर होने से नुक्सान कम होता है। 

  • फ्रेंच फ्राइज  : फ्रेंच फ्राइज में काफी मात्रा में फैट और कार्बोहाइड्रेट्स  पाए जाते हैं जो हमारे शरीर में शुगर लेवल को तुरत बढ़ा देते हैं। अतः डायबिटीज के रोगिओं को इससे बचना चाहिए। फ्रेंच फ्राइज के अलावा आलू के चिप्स भी काफी नुक्सान पहुंचाते हैं। फ्राइड फूड्स में हैवी कार्ब्स और स्टार्च की प्रचुर मात्रा होती है जो कि शुगर लेवल को एकदम से बढ़ा देते हैं। इसमें मौजूद आयल की वजह से काफी एक्स्ट्रा कैलोरीज प्राप्त होती है। इन चीज़ों से हमारा वजन एकदम से बढ़ने लगता है और ज्यादा वजन डायबिटीज के साथ साथ दिल की बिमारियों में भी नुकसान पहुँचाती है।  



  • आलू शकरकंद बीट : ये तीनो सब्ज़ियां कार्बरिदृट्स से परिपूर्ण होती हैं जिसका असर हमारे शरीर में दिखने लगता है। अतः इनसे परहेज ही करना चाहिए। 

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  • किशमिश या अन्य ड्राई फ्रूट्स : किशमिश और अन्य ड्राई फ्रूट्स विटामिन्स से भरपूर तो होते हैं पर डायबिटीज के रोगियों को इनका प्रयोग बहुत ही सावधानी पूर्वक करना चाहिए। खासकर किशमिश और छुहारे का प्रयोग तो कत्तई नहीं करना चाहिए। इसका कारण है कि सूखने के साथ साथ इनमे मौजूद शुगर एकदम कंसन्ट्रेट हो जाता है जो हमारे ब्लड में शुगर के लेवल को बढ़ा देता है। 
  • रेड एंड प्रोसेस्ड : कई लोगों का मानना है कि हाई शुगर फ़ूड छोड़ कर भोजन में मीट की मात्रा बढ़ा देनी चाहिए। पर कई शोधों में यह पाया गया है कि मीट खासकर रेड और प्रोसेस्ड मीट टाइप टू डायबिटीज में काफी नुकसानदायक होता है। अभी हाल ही में  12 शोध पत्रों के एक मेटा एनालिसिस में पाया गया है कि रेगुलर मीट खाने वालों में टाइप टू डायबिटीज होने की संभावना 17 प्रतिशत और रेड मीट खाने वालों में यह खतरा 21 प्रतिशत जबकि प्रोसेस्ड मीट खाने वालों में 41 प्रतिशत तक बढ़ गयी। 







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