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एड़ियों का फटना या क्रैक हील का उपचार क्या है

हिंदी में एक बहुत ही प्रसिद्ध कहावत है "जाके पाँव न फटी बेवाई सो क्या जाने पीर पराई " अर्थात जिसके पावों में फटी बेवाई न हो वह दूसरे की फटी एड़ियों के दर्द को क्या समझेगा। कुल मिलाकर जो व्यक्ति दर्द से गुजरा हुआ है वही व्यक्ति दूसरे का दर्द समझ सकता है। कहावतों के तो व्यापक अर्थ होते हैं पर हम यहाँ उसी फटी बेवाई यानि फटी एड़ियों की समस्या तथा उससे होने वाली तकलीफों की चर्चा करेंगे। एड़ियों का फटना एक सामान्य बीमारी है जो किसी को भी किसी भी उम्र में हो सकती है। इसमें व्यक्ति की एड़ियों में दरारें आ जाती हैं। दरारों की वजह से जहाँ एक ओर तो जहाँ एड़ियां देखने में बुरी लगती हैं वहीँ इनमे कई बार बहुत दर्द होने लगता है। 




क्रैक हील या बेवाई क्या है 

एड़ियों का फटना या क्रैक हील एक आम समस्या है। वैसे तो यह बीमारी किसी को भी हो सकती है पर इसे ज्यादातर महिलाओं में इसे देखा जाता है।  यह प्रायः सर्दियों में बढ़ जाती है। ऐसा पैरों में खुश्की या रूखापन की वजह से ज्यादा होता है इसमें एड़ियों में मॉइस्चराइजर की कमी होने लगती है। इसकी एक वजह है पैर के तलवों में तेल की ग्रंथियां नहीं होती हैं सिर्फ पसी…

हरियाली को लेकर चलो एक मुद्दा बनाएँ

हरियाली को लेकर चलो एक मुद्दा बनाएँ  हर घर से निकलकर के एक पेड़ लगाएँ। 

उड़ते रहें आकाश में ऐसे ही परिंदे  जायेके के लिए मारकर उनको न गिराएं। 

हम बाँध बनाएँ मगर ये भी सनद रहे  पानी की धार रोककर खुद को न बहाएं। 

मिटती  रही है जिनसे आर -पार की दूरी  सलामत रहें वो पुल हम पाये न गिराएं। 

अनाज उगाने के लिए बची रहे जमीं  हम घर के ऊपर ही घर और बनाएँ। 

--डॉ पवन कुमार https://www.facebook.com/profile.php?id=100010300454899 प्रवक्ता , H.S.V इंटर कॉलेज रामगढ़वा , पूर्वी चम्पारण , बिहार 
संपर्क : 9708028307 

सर्दी के मौसम में उँगलियों का सूजना और लाल होना , उपचार और सावधानियां

ठंडी शुरू हो गयी है और इस सीजन में ठण्ड के साथ साथ कई बीमारियों का भी आगमन होने लगता है। ठंडी बढ़ने पर काफी सावधानी बरतने की जरुरत होती है नहीं तो कई तरह की परेशानिओं का सामना करना पड़ सकता है। इन्ही परेशानियों में से एक है हाथ और पैरों की उँगलियों का सूजन और लाल होना। वैसे तो यह बहुत ही सामान्य बीमारी होती है पर बहुत ही तकलीफदेह होतो है। इससे पीड़ित व्यक्ति को काम करने में खासकर जिसमे उँगलियों का प्रयोग करना हो, बहुत ही दिक्कत का सामना करना पड़ता है। 

बिवाई या चिलब्लेंस क्या होता है 

ठण्ड के मौसम में हाथ और पैरों की उँगलियों का इस तरह से असामान्य रूप से लाल होने की अवस्था को सामान्य बोलचाल की भाषा में बिवाई कहा जाता है। इसे पर्नियो  भी कहा जाता है। अंग्रेजी में इस बीमारी को चिलब्लेंस कहते हैं। 




बिवाई या चिलब्लेंस  के लक्षण 


हाथ और पैरों की उँगलियों में सूजन आना सूजन वाली जगह का लाल या नीला होना कभी कभी उँगलियों में फफोले भी हो जाते हैं सूजन वाली जगह पर जलन और खुजली होना समस्या बढ़ने पर प्रभावित क्षेत्र में छाले और घाव का होना प्रभावित अंगों को एकाएक गर्म करने पर उसमे चुनचुनी या झुनझुनी होना 

ब…

कह के बाग़ी,घर उसका जलाया गया

धर्म का पाठ सबको पढ़ाया गया                   भाईचारा का गीत गाया गया                   मज़हब पर जो यूँ रंग सियासी चढ़ा
                 बांटकर फिर से सबको सताया गया।




थोड़ी गर्दन उठी कि क़लम सर हुआ कह के बाग़ी,घर उसका जलाया गया  जिसने अंधेरे में, सूरज की बात की  मौत की नींद उसको सुलाया गया।
               कोई बच्चा मरा है महाजन के घर                 एक औरत को मैला पिलाया गया                 है दलित इसलिए उसके दुर्गुण बता                 पीटकर उसको नंगा घुमाया गया।
कसीदे पढ़े जिसने बादशाह के  उसे दरबारे-खास में बुलाया गया  कह दी बातें खरी जिस किसी शख्स ने  भरी महफ़िल से उसको उठाया गया ।
             ख्वाब चैनो-सुकूं के दिखलाकर के               कोड़े बरसा के हम पर,रुलाया गया               हवा बिकने लगी जब से बाज़ार में               इस नाचीज ' पवन ' को भुलाया गया।  -------------------------- --डॉ पवन कुमार https://www.facebook.com/profile.php?id=100010300454899 प्रवक्ता , H.S.V इंटर कॉलेज रामगढ़वा , पूर्वी चम्पारण , बिहार  संपर्क : 9708028307 

Venice City: Paani Ki Sadkon Wala Shahar

कोई इसे सपनो का नगर कहता है तो कोई इसे नहरों का नगर। कोई इसे दुनिया का ड्राइंग रूम कहता है तो कोई इसे पुलों का शहर। जी हां हम दुनिया के सबसे खूबसूरत दस शहरों में से एक वेनिस की बात कर रहे हैं। वेनिस इटली का एक बेहद खूबसूरत शहर है जो इटली का सांस्कृतिक और व्यापारिक केंद्र भी है। इसे इटेलियन भाषा में वेनेजिया और जर्मन भाषा में वेनेडिश भी कहते हैं  इसके अलावा इसके कई और भी नाम हैं जैसे एड्रियाटिक सागर की महारानी , पानी का शहर, मुखौटों का शहर टापुओं का शहर , यूरोप का सबसे रोमांटिक शहर आदि आदि।




वेनिस की पानी वाली सड़कें इसकी खूबसूरती को अदभुत, अविस्मरणीय और अकल्पनीय बनाती हैं। सड़कों के दोनों ओर कलात्मक भवन, सुन्दर पुल इस पुरे नगर को किसी कलाकार की कलाकृति के सामान प्रतीत कराते हैं। वेनिस में चाहे जिस ओर नज़र जाये, लगता है जैसे प्रकृति और मानव दोनों ने इसमें अपनी सारी खूबसूरती उड़ेल दी है। यही कारण है कि वेनिस में प्रति दिन लगभग 50000 से भी ज्यादा सैलानी घूमने आते हैं। यूनेस्को ने इसे 1987 वर्ल्ड हेरिटेज साइट्स में शामिल किया है। 



वेनिस इटली का एक ऐतिहासिक शहर रहा है। यह करीब तीन हज़ार सालों का इ…

Israel Ke Bare Me 36 Rochak Jankariyan

एक ऐसा देश जो मात्र 1948  में वज़ूद में आया और अपनी तरक्की और खुशहाली के मामले में दुनिया के कई देशों को बहुत पीछे छोड़  आगे निकल चूका है। एक ऐसा देश जो एक मृत भाषा को फिर से जिन्दा कर दिया हो। एक ऐसा देश जो चारों ओर से दुश्मन देशों से घिरा होने के बावजूद सब पर भारी पड़ता हो ।  जी हाँ हम इजराइल की बात कर रहे हैं। इजराइल दुनिया में सबसे नया देश होने के बावजूद  दुनिया के अग्रणी देशों से कन्धा से कन्धा मिलकर चलता है।   इजराइल एक ऐसा देश है जिसके बारे में हम सब को न केवल जानना चाहिए बल्कि उससे सीखना भी चाहिए । इस देश ने देशभक्ति और  देश प्रेम की अदभुत मिसाल इस दुनिया के सामने रखी है। यहाँ के नागरिकों ने अपनी प्रतिभा और अपनी मेहनत की बदौलत कम ही समय में अपने देश को दुनिया में एक पहचान दिलाई है। आइए देखते हैं इस देश की कुछ अनोखी बातें

स्थिति और जनसँख्या  इजराइल दुनिया का एकमात्र यहूदी देश है। इजराइल विश्व का इकलौता देश है जो पूरी दुनिया से आने वाले यहूदी शरणार्थियों का स्वागत करता है। दुनिया के किसी भी कोने में पैदा होने वाला कोई भी यहूदी उस देश के साथ साथ इजराइल का भी नागरिक माना जाता है। इजरा…

विवाह के समय लिए जाने वाले सात वचन कौन कौन से होते हैं

हिन्दू धर्म में विवाह को एक महत्वपूर्ण तथा पवित्र संस्कार माना गया है।  इसके बिना किसी व्यक्ति का जीवन पूर्ण नहीं माना  जाता है। यह एक धार्मिक अनुष्ठान होता है जिसमे अग्नि को साक्षी मान कर वर वधू एक दूसरे का साथ निभाने का प्रण लेते हैं। इसे पाणिग्रहण संस्कार भी कहा जाता है। चुकि हिन्दू विवाह एक धार्मिक अनुष्ठान होता है अतः इसे कई मन्त्रों और पूजन के द्वारा संपन्न कराया जाता है। इसमें वर वधू अग्नि के चारों ओर सात फेरे लेते हैं तथा ध्रूव तारे के समक्ष एक दूसरे के साथ तन, मन और आत्मा से एक पवित्र बंधन में बंधते हैं। यह सम्बन्ध अटूट और चिरस्थायी होता है और सम्बन्ध विच्छेद की कोई अवधारणा नहीं होती। यह इतना चिरस्थाई होता है कि इसे सात जन्म का रिश्ता माना जाता है। इस सम्बन्ध को पूर्ण करने के लिए सात फेरों के साथ साथ दूल्हा दुल्हन एक दूसरे से सात वचन लेते हैं।  इन सात वचनों का अपना महत्त्व होता है जिसे पति पत्नी जीवन भर एक दूसरे से निभाने का वादा करते हैं। इसे सात फेरों के सात वचन भी कहा जाता है।

विवाह के समय लिए जाने वाले सात वचन कौन कौन से होते हैं



विवाह के पश्चात् कन्या वर के वाम अंग में बैठन…